UP Cow Protection Model : उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को केवल धार्मिक या सामाजिक पहल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और पोषण से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि बेहतर प्रबंधन और आधुनिक डेयरी तकनीक के जरिए तैयार किए जा रहे देसी गायों के दुग्ध उत्पाद अब भारतीय सेना तक पहुंच रहे हैं और सैनिकों के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

प्रदेश की गिर, साहीवाल और अन्य देसी नस्ल की गायों के दूध से तैयार विशेष डेयरी उत्पाद ‘स्कॉयर’ (Skyrrup) को उच्च प्रोटीन और कम फैट वाला पोषक आहार बताया जा रहा है। आधुनिक तकनीक से तैयार यह उत्पाद सैनिकों की ऊर्जा, मांसपेशियों की मजबूती और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में उपयोगी माना जा रहा है।
UP Cow Protection Model
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पहली बार डेनमार्क की अल्ट्रा फिल्टर डेयरी तकनीक और आइसलैंड की प्रोसेसिंग पद्धति का उपयोग कर इस तरह के प्रीमियम डेयरी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। स्कॉयर के अलावा ग्रीक योगर्ट, योगर्ट पाउडर, स्कॉयर पाउडर, पनीर, घी और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश के डेयरी सेक्टर को नया बाजार मिलने की उम्मीद है। प्रयागराज के इंजीनियर एस.एन. द्विवेदी ने नोएडा में रोजगार, गो संरक्षण और आधुनिक डेयरी तकनीक को जोड़ते हुए एक नया मॉडल विकसित किया है। उनकी डेयरी में 250 से अधिक देसी नस्ल की गायों की देखभाल की जा रही है। उनका कहना है कि देसी गायों के दूध की गुणवत्ता और पोषण क्षमता के कारण इनसे बने उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
अलीगढ़ में तैयार होगी गोशाला
एस.एन. द्विवेदी अब अलीगढ़ में 500 देसी गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गोशाला विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि गो संरक्षण को आधुनिक तकनीक, रोजगार और मूल्य संवर्धित उत्पादों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है। इस मॉडल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित हो रही गो आधारित अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उनका दावा है कि उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
गो सेवा आयोग ने गिनाईं उपलब्धियां
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के अनुसार, आधुनिक गोशालाओं, उन्नत डेयरी तकनीक, डिजिटल मार्केटिंग और मूल्य संवर्धित गो उत्पादों के जरिए प्रदेश को नई पहचान मिल रही है। उनका कहना है कि गो संरक्षण को रोजगार, ग्रामीण विकास और राष्ट्रसेवा से जोड़ने का प्रयास लगातार आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आधुनिक तकनीक, बेहतर मार्केटिंग और वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन को लगातार बढ़ावा मिलता रहा तो देसी नस्ल की गायों पर आधारित यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा कर सकता है।
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