UP Monsoon Update : उत्तर प्रदेश में मानसून का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में जहां कई जिलों में बारिश का दौर जारी है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने से लोगों को उमस और तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल पाकिस्तान की ओर से आ रही सूखी हवाओं के कारण पश्चिमी क्षेत्रों में मानसूनी बादल कमजोर हो गए हैं, जबकि पूर्वांचल में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। गोरखपुर में रविवार देर शाम शुरू हुई बारिश आधी रात के बाद तेज हो गई, जिससे कई सड़कों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया।
हालात का निरीक्षण करने के लिए नगर निगम की टीम भी सक्रिय रही। शहर में सोमवार सुबह तक बादल छाए रहे और मौसम विभाग ने दिनभर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है।
UP Monsoon Update
सोमवार सुबह अयोध्या, गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादलों की मौजूदगी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पूर्वांचल के 22 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जिनमें से आठ जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर आगरा सहित पश्चिमी यूपी के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने और अगले तीन से चार दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना कम बताई गई है। इस दौरान तापमान बढ़ने के साथ उमसभरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की आशंका बनी हुई है।
औसत से कम बारिश
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में जहां औसतन 11.1 मिलीमीटर बारिश का अनुमान था, वहीं वास्तविक वर्षा इससे काफी कम रही। एक जून से अब तक उत्तर प्रदेश में कुल बारिश सामान्य औसत से करीब 17 प्रतिशत कम रिकॉर्ड की गई है। हालांकि गोरखपुर, बहराइच, अंबेडकर नगर और संतकबीर नगर जैसे जिलों में अपेक्षाकृत अधिक बारिश दर्ज हुई, लेकिन प्रदेश का समग्र आंकड़ा अभी भी सामान्य स्तर से नीचे है।
बदलेगा मौसम का रुख
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून का कमजोर पड़ना अस्थायी स्थिति है। जैसे ही बंगाल की खाड़ी या आसपास के क्षेत्रों में नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होगा, बारिश की गतिविधियां दोबारा तेज हो सकती हैं। फिलहाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज धूप और उमस का असर बना रहेगा, जबकि पूर्वी जिलों में बीच-बीच में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वर्ष पूरे मानसून सीजन में उत्तर प्रदेश में सामान्य से लगभग आठ प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हो सकती है, जिससे कृषि और जल संसाधनों पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
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