UP Monsoon Update : उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से भीषण गर्मी का दौर जारी है। रविवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तेज धूप और उमस भरा मौसम देखने को मिला। गाजियाबाद और बरेली में बादलों की आवाजाही जरूर रही, लेकिन बारिश के ठोस संकेत नहीं मिले। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना बेहद कम है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 31 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के कई जिलों में गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसून की गति अभी धीमी बनी हुई है और प्रदेश में इसके पहुंचने के लिए लोगों को कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
UP Monsoon Update
भीषण गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गोरखपुर चिड़ियाघर में बाघिन दिनभर पानी के पूल में बैठकर गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रही है। वहीं कानपुर चिड़ियाघर में गैंडे के लिए विशेष स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जिनकी फुहारों में वह कई बार नहाता दिखाई देता है। पशु चिकित्सकों के अनुसार बढ़ते तापमान को देखते हुए जानवरों की विशेष देखभाल की जा रही है।
अल नीनो और धीमे मानसून ने बढ़ाई चिंता
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून फिलहाल यूपी-बिहार सीमा के आसपास ही ठहरा हुआ है और पिछले कई दिनों से आगे नहीं बढ़ पाया है। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) की रिपोर्ट में भी मानसून की रफ्तार धीमी रहने के संकेत मिले हैं। साथ ही अल नीनो जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका जताई गई है, जिससे भविष्य में असमान वर्षा और कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 जून के बाद मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और 25 जून तक उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है। 24 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल बढ़ सकते हैं और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 25 और 26 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ वर्षा होने के संकेत हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बांदा रहा सबसे गर्म
शनिवार को लखनऊ, हाथरस और सोनभद्र समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन इसका असर ज्यादा देर तक नहीं रहा। बांदा प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिन प्रदेश के मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहेंगे और इसी दौरान मानसून की आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





