UP Monsoon 2026 Update : उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य समय से लगभग 4 से 5 दिन देर से पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 24 से 25 जून के बीच प्रदेश में मानसूनी बारिश की शुरुआत हो सकती है। आमतौर पर यूपी में मानसून 18 से 20 जून के बीच पहुंच जाता है, लेकिन इस बार मौसमीय परिस्थितियों के कारण देरी देखने को मिल रही है।
इस बार मानसून की एंट्री बुंदेलखंड के बजाय पूर्वांचल के रास्ते होने की संभावना जताई जा रही है। सोनभद्र, बलिया, गाजीपुर और आसपास के जिलों से मानसून यूपी में प्रवेश कर सकता है। पिछले दो वर्षों से मानसून बुंदेलखंड के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर रहा था, लेकिन इस बार पैटर्न बदलता दिख रहा है।
UP Monsoon 2026 Update
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो प्रेशर एरिया न बनने के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 17 जून को INSAT-3DS सैटेलाइट की तस्वीरों में उत्तर प्रदेश के आसमान में पर्याप्त बादल नहीं दिखाई दिए, जिससे बारिश की स्थिति कमजोर बनी हुई है। मानसून 4 जून को केरल में पहुंचने के बाद अब तक लगभग 19 राज्यों को कवर कर चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बिहार के मुजफ्फरपुर के पास पहुंचकर यूपी की सीमा के बेहद करीब आ गया है। अब इसके अगले चरण में उत्तर प्रदेश में प्रवेश की संभावना है।
जिलावार संभावित बारिश का अनुमान
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 24-25 जून के बीच मानसून पूर्वांचल में प्रवेश करेगा। इसके बाद 26 से 27 जून के बीच यह मध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड तक पहुंचेगा। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और उन्नाव जैसे जिलों में बारिश की संभावना इसी अवधि में जताई गई है। 28 से 30 जून के बीच पश्चिमी यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इस साल यूपी में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। पश्चिम और मध्य यूपी में जून के पहले हिस्से में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूर्वांचल में बारिश की कमी देखी गई है। इस असमान वितरण से मौसम में असंतुलन बना हुआ है।
गर्मी और लू का असर जारी
मानसून की देरी के कारण पूर्वांचल के कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। प्रयागराज, वाराणसी और बलिया जैसे इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भीषण लू का अलर्ट जारी है। वहीं मध्य और पश्चिमी यूपी में उमस और चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार कम बारिश का असर धान की खेती पर पड़ सकता है और उत्पादन में गिरावट संभव है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसान कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों का चयन करें, ताकि बारिश की कमी से फसल पर ज्यादा असर न पड़े।
24 से 25 जून के बीच मानसून के आगमन के साथ प्रदेश में मौसम बदलने की उम्मीद है। तब तक यूपी के लोगों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ेगा, जबकि किसान और प्रशासन दोनों ही बारिश के सामान्य होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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