Toll Plaza : राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। शुक्रवार से यह नियम लागू हो गया है, जिससे अब यात्रियों को डिजिटल भुगतान पर निर्भर रहना होगा। टोल वसूली के लिए फास्टैग को ही प्राथमिक माध्यम बनाया गया है। यानी जिन वाहनों में फास्टैग लगा होगा, उनके लिए टोल देना आसान और तेज रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी।
अगर कोई वाहन बिना फास्टैग के टोल प्लाजा पर पहुंचता है, तो उसे वापस नहीं भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में अब UPI के जरिए भुगतान करने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, इसके लिए वाहन चालक को तय टोल से ज्यादा शुल्क देना होगा।
Toll Plaza पर बड़ा बदलाव
अगर कोई वाहन बिना फास्टैग के टोल प्लाजा पर पहुंचता है, तो उसे वापस नहीं भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में अब UPI के जरिए भुगतान करने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, इसके लिए वाहन चालक को तय टोल से ज्यादा शुल्क देना होगा। नए नियम के तहत, बिना फास्टैग के UPI से भुगतान करने पर 1.25 गुना शुल्क देना पड़ेगा। यानी अगर टोल 100 रुपये है, तो UPI से 125 रुपये देने होंगे। इस नियम का मकसद लोगों को फास्टैग अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
क्यों लिया गया फैसला?
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य टोल प्लाजा पर भीड़ कम करना और सफर को आसान बनाना है। डिजिटल सिस्टम से समय की बचत होगी और ट्रैफिक भी सुचारु रहेगा। अब हाईवे पर निकलने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है कि वाहन में वैध फास्टैग लगा हो और उसमें पर्याप्त बैलेंस हो। इससे अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सकता है और सफर भी बिना रुकावट पूरा होगा। सरकार का यह कदम डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में टोल सिस्टम पूरी तरह कैशलेस होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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