आज आर्मी बैंड और ढोल दमांऊ की अगुवाई में आज गंगा जी की विग्रह डोली मुखवा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना होने जा रही है। मुखवा गांव के सभी ग्रामीण इकट्ठा होकर मां गंगा जी की विदाई का समय भाव पूर्वक मानते हैं बहुत ही भावुकतापूर्ण यह समय होता है। आगामी चार धाम यात्रा के अगस्त को लेकर मां गंगा की भोग मूर्ति विग्रह डोली में शनिवार दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त गंगोत्री धाम के लिए रवाना कर दी जाएगी वहीं इस मौके पर गांव के ग्रामीण गंगा को कल्यो और स्थानीय फाफरे का भोग लगाकर नम आंखों के साथ 6 महीने के प्रवास के लिए भावुकता के साथ विदा करने जा रहे हैं।
दोपहर के समय होगी डोली रवाना
इस खास मौके पर ग्रामीण अपने गांव पहुंच गए हैं जो श्रद्धालुओं का मुखबा पहुंचने का सिलसिला देखने को मिल रहा है। अभी गंगा जी की भोगुर्ति विग्रह डोली को शनिवार दोपहर 12:15 पर अभिजीत मुहूर्त में आर्मी बैंड और ढोल दमांऊ की अगुवाई में गंगोत्री धाम के लिए रवाना होने जा रही है। इसके साथ ही तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं के साथ गंगा की डोली मुखबा-जांगला के साथ किलोमीटर दूर जोखिम भरे रास्ते से होते हुए रात्रि विश्राम के लिए भैरव घाटी पहुंचने वाली है।
यहां पर भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। धाम में खास पूजा अर्चना के बाद अक्षय तृतीया पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर लगभग 12:15 पर श्रद्धालुओं के लिए 6 महीने के लिए खोल दिए जाएंगे इसके बाद भक्त दर्शन कर पाएंगे।
भावुकतापूर्ण रहेगा विदाई का समय
शनिवार को मां गंगा की विदाई के लिए मुखबा गांव समेत हर्षिल घाटी के ग्रामीण अपने गांव पहुंच चुके हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं का पहुंचने का सिलसिला नजर आ रहा है। मुखबा गांव के ग्रामीणों के लिए गंगा जी की विदाई का समय बहुत ही भावुकता पूर्ण रहने वाला है। इस गांव के निवासी मां गंगा को फाफरे कब भोग लगाकर विदा कर देंगे। इसके साथ ही 6 महीने का कल्यो भी अर्से आदि के रूप में उनको दिया जाता है। मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल ने बताया कि शनिवार की गंगा जी की विग्रह डोली दोपहर में गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करने वाली है।





