SC Work From Home: ईंधन बचाने की मुहिम ने पकड़ी रफ्तार, सुप्रीम कोर्ट से लेकर राज्यों तक नई व्यवस्था लागू; नेताओं ने घटाईं गाड़ियां, सरकारी दफ्तरों में शुरू हुआ डिजिटल मॉडल। प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत अपील के बाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत Supreme Court of India ने भी नई कार्य व्यवस्था लागू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के सर्कुलर के मुताबिक अब कोर्ट के कई विभागों का स्टाफ हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेगा। सभी जज कार पूलिंग अपनाएंगे, जबकि रजिस्ट्री विभाग का 50% स्टाफ घर से काम करेगा।
सोमवार, शुक्रवार और मिसलेनियस डे पर मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। बाकी कार्यदिवसों में भी ऑनलाइन सुनवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के सचिव जनरल भारत पराशर ने इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है।
राज्यों में भी दिखा असर
प्रधानमंत्री की अपील का असर अब कई राज्यों में साफ दिखाई दे रहा है। देशभर में सरकारें ईंधन बचत और खर्च कम करने के लिए नए फैसले ले रही हैं।
- Devendra Fadnavis बाइक से विधान भवन पहुंचे।
- Rekha Gupta ने सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया।
- Nayab Singh Saini ने हफ्ते में एक दिन बिना गाड़ी चलने का फैसला लिया।
- Mohan Majhi ने काफिले की गाड़ियां घटाईं।
- N. Chandrababu Naidu ने जिला दौरों में आधा काफिला रखने का निर्देश दिया।
SC Work From Home: ‘डिजिटल गवर्नेंस मॉडल’ की ओर बढ़ रहा देश
त्रिपुरा में ग्रुप C और D के सिर्फ 50% कर्मचारी रोज ऑफिस आएंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। पंजाब राजभवन ने हर बुधवार चार-पहिया वाहन के इस्तेमाल पर रोक जैसी पहल शुरू की है। अरुणाचल प्रदेश सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर एक साल की रोक लगा दी है और “वर्चुअल फर्स्ट” नीति लागू की है।
SC Work From Home: VIP कल्चर पर भी ब्रेक
राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी VIP काफिलों पर नियंत्रण शुरू हो गया है। राजस्थान में मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के काफिले की गाड़ियां घटाकर 5 कर दी गईं। वहीं मध्य प्रदेश में मंत्रियों और वीआईपी दौरों में सीमित वाहनों के निर्देश जारी हुए हैं।
ऊर्जा संकट और बचत पर फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ईंधन संकट के बीच भारत अब बड़े स्तर पर ईंधन बचत, डिजिटल कार्य संस्कृति और खर्च नियंत्रण मॉडल की ओर बढ़ रहा है। सरकार का फोकस अब “कम खर्च, ज्यादा दक्षता” और डिजिटल प्रशासन पर दिखाई दे रहा है।
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