External Affairs Minister S Jaishankar : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को लेकर बेहद साफ और कड़े शब्दों में भारत का रुख सामने रखा है। आईआईटी मद्रास में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई पड़ोसी देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारत को अपने नागरिकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अधिकार सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल भी किया जाएगा।
जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और अपनी सुरक्षा को लेकर फैसले खुद लेता है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई भी बाहरी ताकत यह तय नहीं कर सकती कि भारत को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
S Jaishankar ने PAK को बताया बुरा पड़ोसी
आगे उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और जब बात अपने लोगों की जान बचाने की हो, तो भारत पीछे नहीं हटेगा। विदेश मंत्री का यह बयान पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है। हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया था। साथ ही जयशंकर ने यह भी संकेत दिया कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई थी।
आतंकवाद पर दी चेतावनी
जयशंकर ने बिना किसी देश का नाम लिए पश्चिम में स्थित पड़ोसी पर निशाना साधते हुए कहा कि दुर्भाग्य से भारत के कुछ पड़ोसी बुरे हैं। अगर कोई देश वर्षों तक बिना किसी पश्चाताप के आतंकवाद को नीति के तौर पर अपनाए रखता है, तो उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाना मजबूरी बन जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में भारत अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपने अधिकार का इस्तेमाल किस तरीके से करेगा, यह पूरी तरह भारत का फैसला होगा। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के सवाल पर कोई समझौता नहीं हो सकता। अगर हालात की मांग होगी, तो जो करना पड़ेगा वह किया जाएगा।
#WATCH | Tamil Nadu: On being asked about India’s neighbourhood policy, EAM Dr S Jaishankar says, “… You can also have bad neighbours. Unfortunately, we do. When you have bad neighbours, if you look to the one to the west. If a country decides that it will deliberately,… pic.twitter.com/8w6dgDHLtc
— ANI (@ANI) January 2, 2026
सिंधु जल संधि पर भी कड़ा रुख
जयशंकर ने पाकिस्तान के साथ 1960 में हुई सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए कहा कि यह समझौता एक अलग दौर में हुआ था। लेकिन अगर दशकों तक आतंकवाद चलता रहे, तो अच्छे पड़ोसी जैसी कोई अवधारणा नहीं बचती। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि कोई देश पानी साझा करने की बात करे और साथ ही आतंकवाद भी जारी रखे। ऐसे हालात में समझौते का आधार ही खत्म हो जाता है।
पाकिस्तानी सेना पर भी इशारा
विदेश मंत्री ने हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि भारत की कई समस्याओं की जड़ पाकिस्तानी सेना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जैसे आतंकवाद में अच्छे और बुरे का फर्क किया जाता है, वैसे ही सैन्य नेतृत्व में भी फर्क साफ दिखाई देता है।
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