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Ram Mandir Donation Controversy: योगी का बयान, जांच पर भरोसा; विपक्ष ने उठाए सवाल

Ram Mandir Donation Controversy : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भक्तों ने राम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक इंतजार किया है, तो सच्चाई सामने आने के लिए 15 दिन और इंतजार कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि विशेष जांच टीम (SIT) जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएगी। सीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।

सीएम योगी ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि जांच पूरी होने तक कोई भी सार्वजनिक बयान न दें, क्योंकि इससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

Ram Mandir Donation Controversy

उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास कोई दस्तावेजी सबूत हैं, वे उसे सीधे जांच एजेंसी को सौंपें और अनावश्यक रूप से किसी के चरित्र पर सवाल न उठाया जाए। मुख्यमंत्री अयोध्या के रुदौली स्थित मां कामाख्या धाम में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां उन्होंने 378 करोड़ रुपये की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग अयोध्या को बदनाम करने और श्रीराम मंदिर की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह परियोजना आस्था और सम्मान का प्रतीक है।

विपक्ष पर तीखा हमला

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि जिन लोगों ने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, मंदिर आंदोलन का विरोध किया और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, उन्हें आज नैतिक उपदेश देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के सम्मान और विकास को स्वीकार न करने वाले लोग लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले पर श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि चढ़ावे की व्यवस्था में गंभीर खामियां रहीं और निगरानी बेहद कमजोर थी। उनके अनुसार बैंक और ट्रस्ट के बीच तय जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ, जिससे गड़बड़ी की संभावना बनी।

अखिलेश यादव का पलटवार

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए बिना नाम लिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पर दबाव डालने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और निष्पक्ष जांच के लिए पूरा हिसाब सामने आना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब सिर्फ “दूध का दूध और पानी का पानी” ही नहीं, बल्कि हर चीज का पूरा हिसाब होना चाहिए, चाहे वह दान हो या बहुमूल्य धातुएं। राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। एक तरफ सरकार जांच और पारदर्शिता की बात कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष और कई अन्य नेता निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल सभी की नजरें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।

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