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Rajasthan Civic Election: 76% से ज्यादा वोटिंग के बीच विवाद, बीकानेर में भिड़े विधायक-अधिकारी

Rajasthan Civic Election

Rajasthan Civic Election : राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हैं. पहले चरण की वोटिंग पूरी होने के साथ ही बीजेपी और कांग्रेस दोनों अपने-अपने पक्ष में माहौल होने का दावा कर रही हैं. सत्ताधारी बीजेपी स्थानीय स्तर पर विकास, सुशासन और मजबूत जनप्रतिनिधित्व को अपना प्रमुख मुद्दा बता रही है, जबकि कांग्रेस सरकार के कामकाज पर सवाल उठाकर मतदाताओं के बीच नाराजगी का दावा कर रही है. वार्ड स्तर पर प्रत्याशियों ने घर-घर संपर्क से लेकर छोटी सभाओं तक पूरी ताकत झोंकी.

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इसी बीच पहले चरण के मतदान में कई जगह विवाद, ईवीएम की तकनीकी दिक्कत और फर्जी मतदान के आरोप भी सामने आए. सबसे ज्यादा चर्चा बीकानेर की उस घटना की है, जिसमें बीजेपी विधायक जेठानंद व्यास और मतदान अधिकारी के बीच विवाद हो गया.

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बीकानेर के वार्ड नंबर 45 स्थित बूथ संख्या 95 पर मतदान के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब बीजेपी विधायक जेठानंद व्यास और मतदान अधिकारी शिशुपाल सिंह के बीच नियमों को लेकर बहस हो गई. आरोप है कि अधिकारी ने विधायक के काफिले को बूथ से निर्धारित दूरी पर रुकने को कहा था. इसके बाद विवाद बढ़ गया और विधायक गाड़ी से उतरकर अधिकारी की तरफ बढ़े. घटना के सामने आए वीडियो में विधायक को अधिकारी की ओर जाते हुए देखा जा सकता है.

अधिकारी पीछे हटते नजर आते हैं, जबकि मौके पर मौजूद समर्थक विधायक को रोकने की कोशिश करते हैं. इस दौरान बूथ के आसपास काफी हंगामा हुआ और अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है.

76 फीसदी से ज्यादा मतदान

राजस्थान नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में 162 शहरी निकायों के 5393 वार्डों के लिए मतदान हुआ. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक करीब 76.04 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है. हालांकि, अंतिम आंकड़ों में बदलाव संभव है. इस चरण में 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों का चुनावी भविष्य ईवीएम में बंद हो गया. इनमें चार नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगरपालिकाएं शामिल हैं. पहले चरण में प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगरपालिका मतदान प्रतिशत के मामले में सबसे आगे रही. यहां 91.98 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. वहीं चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में 61.49 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पहले चरण में सबसे कम रहा. सीकर जिले में कुल 79.23 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि रींगस में 85.67 प्रतिशत वोट पड़े.

विवाद ने बढ़ाई चुनावी गर्मी

सिरोही के पिंडवाड़ा में वार्ड 21 में भी चुनावी विवाद सामने आया. निर्दलीय प्रत्याशी चपत मेवाड़ा ने बीजेपी प्रत्याशी के समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी प्रत्याशी चेलाराम देवासी ने आरोपों को खारिज किया. देवासी ने उल्टा निर्दलीय प्रत्याशी पर मतदाताओं को पैसे बांटने का आरोप लगाया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. पिंडवाड़ा में दूसरे चरण के तहत 11 सितंबर को मतदान होना है. पहले चरण के दौरान कई इलाकों से फर्जी मतदान की शिकायतें भी सामने आईं. जयपुर जिले के दूदू, बारां, भीलवाड़ा, जालोर और भरतपुर के कुछ वार्डों में इस तरह के आरोप लगाए गए.

सुजानगढ़, बीकानेर, अलवर, सवाई माधोपुर और जोधपुर में ईवीएम से जुड़ी तकनीकी परेशानियों के कारण कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ और मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा.

जनता का सरकार पर भरोसा

राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौर ने पहले चरण में मतदान करने वाले मतदाताओं का आभार जताया. उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर लोगों की मौजूदगी से साफ है कि जनता अपने शहर के विकास, सुशासन और बेहतर जनप्रतिनिधित्व को लेकर गंभीर है. उन्होंने दूसरे चरण वाले क्षेत्रों के मतदाताओं से भी 11 सितंबर को बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पहले चरण के नतीजों से पहले ही बीजेपी को नुकसान होने का दावा किया.

उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज से नाराज मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है और दूसरे चरण में बीजेपी को और नुकसान हो सकता है. डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर रोड शो को लेकर भी निशाना साधते हुए उसे फ्लॉप बताया और दावा किया कि जनता सरकार से नाराज है.

टिकी अब सभी की नजर

पहले चरण की वोटिंग के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर 11 सितंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर है. पहले चरण में सामने आए विवादों और राजनीतिक आरोपों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है. अब दोनों प्रमुख दल मतदान प्रतिशत और स्थानीय मुद्दों के आधार पर अपने-अपने दावों को मजबूत करने में जुटे हैं. असली तस्वीर चुनाव परिणाम आने के बाद ही साफ होगी कि स्थानीय निकायों में जनता ने विकास और सरकार के कामकाज को प्राथमिकता दी या सत्ता विरोधी रुख को.

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