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यूजीसी के नियमों के खिलाफ उत्तरप्रदेश में प्रदर्शन, कई कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देकर पार्टी का झंडा फूंका

Uttarpradesh News:- उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में हाई कोर्ट के अभिव्यताओं ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर यूजीसी के नए नियमों का विरोध जताया है। कल्याणी की बुधवार को यूपी के कई जिलों में प्रदर्शन किए गए। उसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों ने बैनर पोस्टर लेकर नए नियमों का विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। प्रयागराज के हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर इसको वापस लेने की मांग उठाई है। इन नए नियमों के खिलाफ प्रदेश भर में प्रदर्शन किया जा रहे हैं।

कई कार्यकर्ताओं ने दिया इस्तीफा

उत्तरप्रदेश के ब्रज में आगरा फिरोजाबाद मैनपुरी एटा और कासगंज में स्वर्ण समाज द्वारा कलेक्ट्रेट सहित कई स्थानों पर जोरदार प्रदर्शन किया गया और धरना दिया। मऊ में नगर क्षेत्र के ताजपुर में भाजपा के एक सेक्टर अध्यक्ष और 5 फुट अध्यक्ष के साथ लगभग 20 कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही इन्होंने पार्टी का झंडा भी आग के हवाले कर दिया। इस्तीफा देकर लोगों ने पार्टी का झंडा फूंक दिया।

यूजीसी को कला और भेदभावपूर्ण कानून बताया

उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में विश्व महर्षि ब्राह्मण महासभा के सभी सदस्यों ने हाथों में बेड़िया बंदी और तन पर कफन ओढ़कर कलेक्ट्रेट के सामने जमकर प्रदर्शन किया। वही हापुड़ और बुलंदशहर में भी जोरदार प्रदर्शन किया गया। यूपी के पीलीभीत में भाजपा के दूसरे बूथ स्तरीय पदाधिकारी ने कहा कि यूजीसी एक काला और भेदभावपूर्ण कानून है। उन्होंने इसका विरोध जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

राष्ट्रपति के नाम लिखा खून से पत्र

उत्तरप्रदेश के हाथरस में मुरसान में भारतीय किसान यूनियन के अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव राम ठाकुर द्वारा राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखा। इसके बाद इन्होंने यह पत्र कलेक्ट्रेट पहुंचकर एटीएम को सौंपा। वही वाराणसी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा काशी विद्यापीठ को बंद किया गया। इस जोरदार हंगामें के चलते और प्रदर्शन के साथ विरोध के चलते स्नातक और स्नाकोत्तर की परीक्षा को आगे बढ़ाना पड़ा।

वही एक तरफ राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन की तरफ से पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री को उनसे लिखा हुआ पत्र नियमावली को तुरंत बदलने की मांग के साथ भेजा। रामपुर के बिलासपुर में राष्ट्रीय पटेल महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा समर्थन में जुलूस निकालकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को पत्र सौंपा गया।

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