UP Election 2027 : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को चुनावी मोड में लाना शुरू कर दिया है। पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े रविवार को लखनऊ स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। सुबह 10 बजे शुरू हुई यह बैठक शाम 4 बजे तक चलने वाली है। इसमें आगामी चुनाव की रणनीति, संगठन की सक्रियता और जमीनी स्तर पर पार्टी की तैयारियों को लेकर चर्चा की जा रही है। लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक से पहले विनोद तावड़े ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की।
इसके बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ भी चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई। यूपी के सह-प्रभारी जगदीश ईश्वरभाई पटेल भी बैठक में मौजूद हैं। तावड़े के प्रभारी बनने के बाद यह लखनऊ में उनकी पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक है।
UP Election
पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तावड़े के दौरे को चुनावी तैयारियों से जोड़ते हुए कहा कि अब चुनाव नजदीक हैं और संगठन के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं को पूरी तरह चुनावी भूमिका में लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तावड़े का दौरा संगठन की कमियों की समीक्षा के बजाय आगामी चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जाना चाहिए। विनोद तावड़े की पहचान भाजपा के संगठनात्मक नेताओं में होती है। महाराष्ट्र की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे तावड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कर चुके हैं।
वे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 2014 में वे पहली बार बोरीवली विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद पार्टी संगठन में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई।
रहें हैं चुनावी रणनीति का हिस्सा
तावड़े को चुनावी प्रबंधन का भी लंबा अनुभव है। 2022 में उन्हें उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में राष्ट्रीय संगठन में उनकी भूमिका और मजबूत हुई। बिहार और केरल जैसे राज्यों में भी उन्हें चुनावी जिम्मेदारियां मिलीं। पार्टी के भीतर उन्हें जमीनी संगठन और चुनावी रणनीति के बीच तालमेल बनाने वाले नेताओं में गिना जाता है। उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को राज्य में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिला था।
समाजवादी पार्टी 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि भाजपा 33 सीटों पर सिमट गई। ऐसे में 2027 का विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए सत्ता बचाने के साथ-साथ लोकसभा चुनाव के बाद अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की बड़ी परीक्षा होगा।
यूपी पर पूरा फोकस
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं और अगले साल फरवरी-मार्च के आसपास चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा ने संगठन को पहले से सक्रिय करना शुरू कर दिया है। तावड़े के सामने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ाने और चुनावी मुद्दों को जमीन तक पहुंचाने की चुनौती होगी। आने वाले महीनों में उनकी लगातार बैठकों और दौरों से भाजपा की चुनावी रणनीति की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Read More : UP Election 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज, रेवती रमण के गढ़ में इसकी होगी एंट्री




