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Panama Canal के 2 अहम पोर्ट से हटी हांगकांग कंपनी, चीन को झटका; अब सरकार के नियंत्रण में संचालन

Panama Canal
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Panama Canal : मध्य अमेरिका से आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक व्यापार हलकों में हलचल मचा दी है। पनामा सरकार ने पनामा नहर के प्रवेश द्वार पर स्थित दो प्रमुख बंदरगाहों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। ये दोनों पोर्ट अब तक हांगकांग की कंपनी CK Hutchison Holdings Limited की सहयोगी इकाई चला रही थी। राष्ट्रपति José Raúl Mulino ने आदेश जारी कर प्रशासन और संचालन अस्थायी रूप से राष्ट्रीय समुद्री प्राधिकरण को सौंपने का फैसला लिया।

जनवरी 2026 में Supreme Court of Panama ने उस कानून को असंवैधानिक करार दिया, जिसके आधार पर कंपनी को संचालन का अधिकार मिला था। इसके बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए ठेका निरस्त कर दिया।

Panama Canal के 2 अहम पोर्ट से हटी हांगकांग कंपनी

राष्ट्रपति ने कहा कि यह कदम नहर के सुरक्षित और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह स्थायी अधिग्रहण नहीं है, बल्कि प्रशासनिक नियंत्रण की वापसी है। पनामा नहर के दोनों छोर पर स्थित Balboa Port (प्रशांत तट) और Cristóbal Port (अटलांटिक तट) वैश्विक समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद रणनीतिक माने जाते हैं। दुनिया भर से आने वाले जहाज नहर से गुजरने से पहले या बाद में यहीं रुकते हैं, माल की लोडिंग-अनलोडिंग करते हैं और ईंधन व अन्य सेवाएं लेते हैं। ऐसे में इनका नियंत्रण सिर्फ कारोबारी नहीं, भू-राजनीतिक महत्व भी रखता है।

अमेरिका-चीन समीकरण में नया मोड़

विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल व्यावसायिक विवाद नहीं, बल्कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है। अमेरिका लंबे समय से इस बात को लेकर सतर्क था कि नहर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में चीन से जुड़ी कंपनी का प्रभाव न बढ़े। कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी हलकों में संतोष की प्रतिक्रिया भी देखी गई। सरकारी आदेश के बाद डेनमार्क की शिपिंग दिग्गज APM Terminals (मार्सक समूह की इकाई) बाल्बोआ पोर्ट का संचालन करेगी, जबकि स्विट्जरलैंड की Terminal Investment Limited (MSC समूह से जुड़ी) क्रिस्टोबल पोर्ट की जिम्मेदारी संभालेगी।

कंपनी का विरोध

CK Hutchison ने बयान जारी कर कहा कि सरकार ने दबाव में कार्रवाई की और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। कंपनी ने फिलहाल संचालन रोक दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला अंतरराष्ट्रीय कानूनी और कूटनीतिक बहस का विषय बन सकता है, क्योंकि पनामा नहर विश्व व्यापार की धुरी मानी जाती है।

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