Noida Protest : नोएडा में वेतन बढ़ोतरी को लेकर भड़की हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में एसटीएफ और Noida Police ने दूसरे मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को तमिलनाडु के Tiruchirappalli Railway Station से पकड़ा गया, जहां वह लंबे समय से छिपकर रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, आदित्य आनंद हिंसा के बाद से ही फरार चल रहा था।
उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना हुलिया बदल लिया था। बाल कटवा लिए, टोपी पहन ली और कपड़ों का स्टाइल बदल लिया।
Noida Protest
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वह विदेश भागने की योजना बना रहा था, लेकिन पुलिस की सटीक ट्रैकिंग ने उसकी कोशिश नाकाम कर दी। जांच में सामने आया है कि बिहार के गोपालगंज का रहने वाला आदित्य NIT Jamshedpur से बीटेक कर चुका है। वह कुछ दिन पहले ही नोएडा आया था और सेक्टर-37 में किराए पर रह रहा था। 10 और 11 अप्रैल को उसने मुख्य आरोपी रूपेश राय के साथ मिलकर मजदूरों के प्रदर्शन में हिस्सा लिया और उन्हें भड़काने का काम किया, जिससे हालात हिंसक हो गए।
दिल्ली से तमिलनाडु तक भागने की कहानी
जब पुलिस ने कार्रवाई तेज की तो आदित्य पहले नोएडा से दिल्ली भागा और वहां से ट्रेन पकड़कर तमिलनाडु पहुंच गया। पुलिस को उसकी लोकेशन मिलने के बाद टीम ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में जाल बिछाया। आखिरकार वह स्टेशन पर ही पकड़ में आ गया। अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर वापस नोएडा लाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी की योजना तमिलनाडु से Kerala जाने की थी, जहां से वह समुद्र के रास्ते विदेश भागने की कोशिश में था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसे भागने में किसने मदद की और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।
आगे होगी सख्त पूछताछ
नोएडा की पुलिस आयुक्त Laxmi Singh ने साफ किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस जल्द ही आदित्य और अन्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके मोबाइल और चैट की जांच करेगी, ताकि फंडिंग और नेटवर्क से जुड़े सभी राज सामने आ सकें।
Raed More : MP की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन, बना पर्यटकों की पहली पसंद




