UP Monsoon Update : उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों में कमी देखने को मिलेगी। इस दौरान केवल मध्य प्रदेश से सटे दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि बाकी इलाकों में बादलों की आवाजाही के बीच कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी ही देखने को मिल सकती है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून के कमजोर पड़ने से अगले कुछ दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है।
प्रदेश में मानसून पहुंचने के बावजूद अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम बना हुआ है। मौसम विभाग के तीन जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य की तुलना में 50 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
UP Monsoon Update
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगलवार से प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने लगेगा। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। खासकर पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है। विभाग का मानना है कि नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बारिश फिर से रफ्तार पकड़ सकती है।
प्रदेश के 75 प्रतिशत से अधिक जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जिससे खेती-किसानी पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। किसानों की नजर अब अगले सप्ताह होने वाली संभावित बारिश पर टिकी हुई है।
पूर्वांचल के कई जिलों में गंभीर स्थिति
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वर्षा की कमी चिंता का विषय बन चुकी है। जौनपुर में अब तक सामान्य से 91 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कुशीनगर में 78 प्रतिशत, मऊ और वाराणसी में 74-74 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 68 प्रतिशत, लखनऊ में 60 प्रतिशत, संतकबीरनगर में 52 प्रतिशत और गोरखपुर में 51 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रयागराज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर जैसे जिलों में भी मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है।
पश्चिमी यूपी में भी नहीं सुधरे हालात
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में भी बारिश सामान्य से कम रही है। गौतमबुद्ध नगर में 88 प्रतिशत, गाजियाबाद में 86 प्रतिशत, बागपत में 54 प्रतिशत, रामपुर में 34 प्रतिशत और मुरादाबाद में 20 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। हालांकि बदायूं, बुलंदशहर, मेरठ, शाहजहांपुर और संभल जैसे कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे इन इलाकों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
मौसम तंत्र कमजोर होने से थमा मानसून
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में 30 जून को मानसून का प्रवेश हुआ था और दो जुलाई तक इसका प्रभाव पूरे राज्य में दिखाई देने लगा था। इसके बाद उत्तरी उड़ीसा तट के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मौसमी द्रोणी दक्षिण की ओर खिसक गई। इसके चलते उत्तर प्रदेश के ऊपर कोई मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय नहीं रह गया, जिससे मानसून की गति धीमी पड़ गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि नए सिस्टम के विकसित होने के साथ अगले सप्ताह प्रदेश में बारिश का दौर फिर तेज हो सकता है।
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