Maharashtra BMC Election News : बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव में महायुति ने एक बार फिर अपनी ताकत साबित की है। 227 सीटों वाली बीएमसी में गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला है। नतीजों के बाद मुंबई की सत्ता पर महायुति की दावेदारी मजबूत हुई, लेकिन इसी बीच शिवसेना पार्षदों की एक होटल बैठक ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। चुनाव नतीजों के तुरंत बाद शिवसेना के नवनिर्वाचित पार्षदों की एक पांच सितारा होटल में बैठक हुई।
बता दें कि इस बैठक की तस्वीरें और खबरें सामने आते ही दलबदल और अंदरूनी खींचतान की अटकलें लगने लगीं। विपक्षी दलों ने भी इसे लेकर सवाल उठाए और कहा कि बीएमसी की राजनीति में बड़ा खेल हो सकता है।
Maharashtra में सियासी हलचल
इन अटकलों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि दलबदल की बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उनके मुताबिक, मुंबई में महायुति का महापौर सर्वसम्मति से चुना जाएगा और गठबंधन के भीतर किसी तरह का तनाव नहीं है। एकनाथ शिंदे की होटल बैठक को लेकर भी फडणवीस ने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि जैसे वह खुद पुणे में नए पार्षदों से मिल रहे हैं, वैसे ही शिंदे भी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे हैं। यह एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है और इसे गलत अर्थों में नहीं लिया जाना चाहिए।
महापौर के नाम पर चर्चा जारी
बीएमसी चुनाव में महायुति को कुल 119 सीटें मिली हैं। इनमें भाजपा के खाते में 89 और शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। महापौर पद के लिए बहुमत का आंकड़ा तो पूरा है, लेकिन अंतिम नाम पर सहमति बनना अभी बाकी है। इसी वजह से यह चर्चा तेज है कि सत्ता साझेदारी को लेकर बातचीत चल रही है।
क्या होंगी शर्तें और मांगें
राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि समर्थन के बदले कुछ अहम पदों या समितियों में हिस्सेदारी को लेकर बातचीत हो सकती है। हालांकि, फडणवीस ने साफ किया कि वह और शिंदे जल्द ही अन्य नेताओं के साथ बैठक करेंगे, जिसमें महापौर के नाम और कार्यकाल पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, शिवसेना की ओर से भी दलबदल की खबरों को खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह बैठक नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए आयोजित एक तीन दिवसीय कार्यशाला का हिस्सा थी।
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