Home » उत्तर प्रदेश » Lucknow University: धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक के लिए 6 नोडल अधिकारी नियुक्त, कैंपस सुरक्षा कड़ी

Lucknow University: धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक के लिए 6 नोडल अधिकारी नियुक्त, कैंपस सुरक्षा कड़ी

Lucknow University : लखनऊ स्थित University of Lucknow प्रशासन ने परिसर में कथित अवैध या बलपूर्वक धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय ने छह नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। प्रशासन का कहना है कि इससे छात्रों के लिए सुरक्षित और मानसिक रूप से स्वतंत्र माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा।

कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, परिसर में इस तरह की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी के लिए अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रों पर किसी प्रकार का दबाव, प्रलोभन या भय बनाकर किसी गतिविधि को अंजाम न दिया जाए।

Lucknow University

प्रशासन ने छात्रों के लिए जागरूकता बढ़ाने की योजना भी बनाई है। मेंटर-मेंटी सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को सतर्क किया जाएगा। साथ ही छात्र कल्याण प्रकोष्ठ और संवाद तंत्र को सक्रिय किया जाएगा, ताकि छात्रों की समस्याओं पर नियमित नजर रखी जा सके। काउंसलिंग सेंटरों को भी मजबूत किया जा रहा है, जहां छात्र गोपनीय रूप से अपनी बात रख सकेंगे। छात्रावासों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे परिसर में अनुशासन और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगे।

कानूनी कार्रवाई और सूचना तंत्र

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी संस्था, समूह या व्यक्ति द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचित किया जाएगा। इसके बाद कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। इस व्यवस्था के तहत प्रो. कुसुम यादव (जीव-रसायन विज्ञान विभाग, डीन स्टूडेंट वेलफेयर), प्रो. अर्चना वर्मा (समाजशास्त्र विभाग, कुलानुशासक) और प्रो. शीला मिश्रा (सांख्यिकी विभाग, निदेशक विधिक प्रकोष्ठ) सहित कुल छह नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से कैंपस में सुरक्षा, पारदर्शिता और छात्रों की मानसिक स्वतंत्रता को मजबूती मिलेगी। साथ ही किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते रोक लगाई जा सकेगी।

Read More : Ayodhya Ram Mandir चढ़ावा विवाद, अयोध्या जाएंगे CM योगी; SIT जांच तेज

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?