Lucknow-Prayagraj Development : उत्तर प्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। राजधानी लखनऊ और तीर्थराज प्रयागराज में सोमवार को कई बड़ी जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं का मकसद शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, सफाई व्यवस्था बेहतर करना और नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रदेश सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से दोनों शहरों में रहने वाले लोगों की जिंदगी और आसान होगी।
राजधानी लखनऊ में नगर निगम की ओर से करीब 413 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 342 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इनमें सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, पार्कों का विकास, स्वच्छता अभियान और शहरी सुविधाओं से जुड़े कई काम शामिल हैं।
Lucknow-Prayagraj को मिली सौगात
इसके साथ ही ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ विषय पर आधारित विशेष पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तिका में शहर को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की भविष्य की योजनाओं का उल्लेख किया गया है। नगर निगम का कहना है कि राजधानी को साफ-सुथरा और बेहतर शहर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। नई परियोजनाओं के जरिए ट्रैफिक व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, जलभराव और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को कम करने का प्रयास होगा। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में लखनऊ को स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
राजधानी लखनऊ और तीर्थराज प्रयाग के समग्र विकास को आज नई गति मिलने जा रही है।
नगर निगम, लखनऊ की ₹413 करोड़ लागत की 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास एवं ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ से संबंधित पुस्तिका का विमोचन करूंगा।
साथ ही, संगम नगरी में नगर निगम, प्रयागराज के…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 26, 2026
प्रयागराज में कई परियोजनाओं का लोकार्पण
वहीं संगम नगरी प्रयागराज में भी विकास कार्यों को नई गति मिली। नगर निगम के नवनिर्मित भव्य सदन हॉल का उद्घाटन किया गया। यह हॉल नगर निगम की बैठकों और प्रशासनिक कार्यों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया गया है। इसके अलावा शहर में कई अन्य जन उपयोगी परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन योजनाओं का सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों और संगम नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। प्रयागराज में चल रही परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सफाई और सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और शहर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
शहरी विकास के नए मॉडल पर काम
प्रदेश सरकार लगातार नगर विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार का फोकस ऐसे शहर विकसित करने पर है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ स्वच्छता और बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो। लखनऊ और प्रयागराज में शुरू हुई नई परियोजनाओं को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में इन योजनाओं का असर दोनों शहरों की तस्वीर और नागरिक सुविधाओं पर साफ दिखाई देगा।
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