LIC : भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी सिर्फ पॉलिसी तक सीमित नहीं है, बल्कि म्यूचुअल फंड की दुनिया में भी उसने अपनी अलग साख बनाई है। एलआईसी म्यूचुअल फंड की कई स्कीमें बाजार में मौजूद हैं, लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि एक स्कीम ने बाकी सभी को पीछे छोड़ दिया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर दांव लगाने वाली इस स्कीम ने लंबी अवधि में निवेशकों की जेब भरने का काम किया है।
एलआईसी इंफ्रास्ट्रक्चर फंड डायरेक्ट प्लान ने 3 साल, 5 साल और 10 साल के सभी प्रमुख टाइमफ्रेम में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस स्कीम ने करीब 28 फीसदी तक का सालाना कंपाउंड रिटर्न देकर खुद को LIC की सबसे दमदार म्यूचुअल फंड स्कीम के तौर पर स्थापित किया है। खास बात यह रही कि इस फंड ने एकमुश्त निवेश और SIP दोनों में ही मजबूत वेल्थ क्रिएशन किया।
LIC का ये फंड निवेशकों की पहली पसंद
इस फंड की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद इसमें निवेश करने वाले निवेशक टिके रहे। जिन्होंने लंबी अवधि के नजरिये से इसमें पैसा लगाया, उन्हें शानदार फायदा मिला। इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर में अस्थिरता के बावजूद फंड ने निरंतर ग्रोथ दिखाई। एलआईसी इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरुआत 2 जनवरी 2013 को हुई थी। तब से लेकर अब तक इसने औसतन 15.19 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है। यह फंड NIFTY इंफ्रास्ट्रक्चर TRI को बेंचमार्क मानकर चलता है और ओपन-एंडेड कैटेगरी में आता है, जिससे निवेशकों को जरूरत के मुताबिक एंट्री और एग्जिट की सुविधा मिलती है।
सबसे ज्यादा फोकस
इस स्कीम का झुकाव इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उद्योगों की ओर ज्यादा है। पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा इंडस्ट्रियल सेक्टर में लगा है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 54 फीसदी है। इसके अलावा मटेरियल्स, एनर्जी, यूटिलिटीज, फाइनेंशियल और कंज्यूमर सेक्टर में भी निवेश किया गया है, जिससे संतुलन बना रहता है। स्टॉक्स के स्तर पर यह फंड काफी डायवर्सिफाइड नजर आता है। इसमें शक्ति पंप्स, टाटा मोटर्स, एलएंडटी, REC, अपोलो हॉस्पिटल्स, कमिंस इंडिया और भारत बिजली जैसी कंपनियों में निवेश किया गया है। इस विविधता का फायदा यह है कि किसी एक शेयर का ज्यादा असर पूरे पोर्टफोलियो पर नहीं पड़ता।
₹1 लाख का निवेश कितना बना?
| निवेश की अवधि | सालाना रिटर्न (%) | ₹1 लाख के कितने बने |
|---|---|---|
| 3 साल | 28.26% | ₹2.10 लाख |
| 5 साल | 27.06% | ₹3.31 लाख |
| 10 साल | 17.85% | ₹5.17 लाख |
₹10 हजार की SIP से बना ₹34 लाख का फंड
| निवेश अवधि | सालाना रिटर्न (%) | ₹10,000 मासिक की SIP |
|---|---|---|
| 3 साल | 17.17% | ₹4.64 लाख |
| 5 साल | 22.03% | ₹10.36 लाख |
| 10 साल | 19.86% | ₹34 लाख |
Read More : Special Situation Investing: जब संकट बनता है कमाई का जरिया





