Lalita Gautam Case : मेरठ की चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने करीब आधे घंटे तक परिवार के सदस्यों से बातचीत की और कहा कि इस जघन्य अपराध के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को कानून के तहत कठोर सजा दिलाई जाएगी। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ ही पीड़िता के पिता और चाचा को एक-एक मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी और मेरठ के प्रभारी मंत्री असीम अरुण शनिवार सुबह पीड़ित परिवार को गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि सरकार न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
Lalita Gautam Case
उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अब तक की जांच और कार्रवाई की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और तेजी से की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड और अन्य सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
घर भी बिताया समय
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित अपनी रिश्ते की बहन पुष्पा चौधरी के घर पहुंचे। राजनगर एक्सटेंशन की एमजीआई घरौंदा सोसायटी में उनके पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने ‘जय श्रीराम’ के नारों के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री करीब 45 मिनट तक परिवार के बीच रहे, हालचाल जाना और बच्चों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी पीड़ित परिवार को दिल्ली बुलाकर मुलाकात की थी। उन्होंने परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देते हुए न्याय का भरोसा दिलाया था। वहीं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी मेरठ पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और प्रशासन को जल्द कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ के टीपीनगर क्षेत्र की रहने वाली बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। उसी दिन परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दो दिन बाद 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत से उनका शव बरामद हुआ। घटना के बाद परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था।
पुलिस जांच में मुख्य आरोपी अंकुश समेत तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और ललिता के बीच पहले से परिचय था और आपसी विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। बाद में परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर मेरठ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया, जहां पुलिस कार्रवाई और एसएसपी के व्यवहार को लेकर भी विवाद सामने आया था। अब मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद एक बार फिर इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है।
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