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Kitchen पर महंगाई की मार, चावल-चीनी से लेकर मसालों तक बढ़े दाम; देखें लिस्ट

Kitchen Rate Hike : बरेली में रोजमर्रा की जरूरत की खाद्य वस्तुएं लगातार महंगी होती जा रही हैं। परिवहन खर्च में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिसका सीधा असर बाजार पर दिखाई दे रहा है। थोक और फुटकर बाजार में चावल, चीनी, खाद्य तेल और मसालों की कीमतों में पांच से दस रुपये प्रति किलो तक का इजाफा दर्ज किया गया है। बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है, जबकि कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

महंगाई का सबसे बड़ा असर चावल और मखाने की कीमतों पर देखने को मिला है। कुछ समय पहले तक 41 से 42 रुपये प्रति किलो बिकने वाला मंसूरी चावल अब 51 से 52 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

Kitchen पर महंगाई की मार

1121 पौना चावल, जिसकी कीमत पहले करीब 58 रुपये थी, अब 65 से 70 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रहा है। दूसरी ओर उत्पादन प्रभावित होने के कारण मखाने के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। पहले 850 से 900 रुपये प्रति किलो मिलने वाला मखाना अब करीब 1100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साबुत लाल मिर्च, धनिया और हल्दी के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। चीनी की कीमत में भी लगभग तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही सरसों तेल और रिफाइंड ऑयल भी महंगे हो गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि मूंग और अरहर दाल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है।

महंगा हो रहा सामान

श्यामगंज के किराना कारोबारी हार्दिक अरोरा का कहना है कि बढ़ते परिवहन खर्च का सीधा असर बाजार तक पहुंचने वाले सामान की लागत पर पड़ रहा है। पहले की तुलना में माल अधिक खर्च में पहुंच रहा है, जिसके कारण खुदरा कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि बढ़ती कीमतों से ग्राहक भी असमंजस में हैं और जरूरत का सामान खरीदते समय पहले से अधिक सोच-विचार कर रहे हैं। महंगाई का असर सिर्फ खाद्य वस्तुओं तक सीमित नहीं है। कारोबारी गिरीश अग्रवाल के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण साबुन बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की उपलब्धता प्रभावित हुई है।

देखें लिस्ट

वस्तु पहले का भाव (₹/किलो) वर्तमान भाव (₹/किलो)
मंसूरी चावल 41-42 51-52
1121 चावल 58-60 65-70
मखाना 850-900 1100-1200
मूंग दाल 114 108
अरहर दाल 125-130 118-120
साबुत मिर्च 280 320
धनिया 180 260
हल्दी 150-160 190-200
चीनी 45 48

बढ़ सकती है महंगाई

व्यापारियों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां सामान्य नहीं हुईं और परिवहन लागत में कमी नहीं आई, तो खाद्य वस्तुओं समेत कई अन्य दैनिक उपयोग की चीजों की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जबकि उपभोक्ता फिलहाल बढ़ती महंगाई से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कच्चा माल पहले के मुकाबले तीन से चार गुना महंगा हो गया है। इसके अलावा पैकेजिंग सामग्री की लागत बढ़ने से साबुन, नमकीन, बेकरी उत्पाद और अन्य पैकेज्ड सामान की लागत भी बढ़ गई है। कई कंपनियां कीमत बढ़ाने की बजाय उत्पाद का वजन कम करने का विकल्प अपना रही हैं।

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