Gen-Z Travel : आज की Gen-Z के लिए ट्रैवल का मतलब सिर्फ किसी टूरिस्ट स्पॉट पर जाना और वहां तस्वीरें खींचना नहीं रह गया है। युवा अब अपनी छुट्टियों को मूड, बजट, समय और पसंद के हिसाब से अलग-अलग तरीके से जीना पसंद करते हैं। इसी बदलते ट्रैवल कल्चर के साथ सोशल मीडिया पर कई नए शब्द भी लोकप्रिय हुए हैं। कई बार ये शब्द पोस्ट, रील या कमेंट में दिखाई देते हैं, लेकिन उनका मतलब तुरंत समझ नहीं आता।
कोई छोटी-छोटी ट्रिप को प्राथमिकता देता है, तो कोई बाहर घूमने के बजाय होटल में ही छुट्टी बिताना पसंद करता है। Gen-Z ने इन अलग-अलग ट्रैवल स्टाइल को खास नाम दे दिए हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ ट्रेंडिंग Travel Terms के बारे में।
Gen-Z Travel
Side-Questing का मतलब है साल में सिर्फ एक बड़ी ट्रिप करने के बजाय बीच-बीच में छोटी यात्राएं करते रहना। इसके लिए लंबी छुट्टी या महीनों की प्लानिंग जरूरी नहीं होती। कभी दोस्तों के साथ पास के शहर की सैर, कभी अचानक वीकेंड पर किसी नई जगह निकल जाना, इसी तरह की छोटी यात्राएं Side-Questing का हिस्सा हैं। इस ट्रेंड में सफर को किसी एक बड़ी छुट्टी तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी के बीच छोटे-छोटे एडवेंचर शामिल किए जाते हैं।
कमरे में सुकून
अगर छुट्टी मिलते ही आपका मन किसी जगह को एक्सप्लोर करने के बजाय बिस्तर पर आराम करने का करे, तो यह Room Rotting है। इसमें लोग होटल के कमरे से बाहर निकलने की जल्दी नहीं करते। फोन चलाना, फिल्म या वेब सीरीज देखना, कमरे में खाना मंगाना और आराम से पूरा दिन बिताना इस ट्रैवल स्टाइल का हिस्सा है। यानी वेकेशन में घूमने की जगह आराम को प्राथमिकता देना Room Rotting कहलाता है।
होटल ही पूरी डेस्टिनेशन
कुछ लोगों के लिए ट्रिप की खासियत उस जगह से ज्यादा होटल या रिसॉर्ट की सुविधाएं होती हैं। Hotelmaxxing इसी अंदाज को कहा जाता है। इसमें लोग होटल में रुककर स्विमिंग पूल, स्पा, जिम, रेस्टोरेंट और दूसरी सुविधाओं का भरपूर आनंद लेते हैं। ऐसे ट्रैवलर के लिए होटल सिर्फ रात बिताने की जगह नहीं, बल्कि छुट्टी का मुख्य हिस्सा बन जाता है। Why-cation में ट्रिप का पूरा प्लान पहले से तय होना जरूरी नहीं है। सफर के दौरान मूड और परिस्थितियों के हिसाब से अगली डेस्टिनेशन तय की जा सकती है।
आज पहाड़ों का मन हुआ तो वहां निकल गए, अगले दिन किसी झील या समुद्र किनारे जाने का फैसला कर लिया। यानी कहां जाना है, इसका जवाब पहले से तय करने के बजाय सफर को मौके के हिसाब से आगे बढ़ाना Why-cation कहलाता है।
सफर बन जाए खास
ट्रैवल के दौरान कुछ ऐसे पल आते हैं, जिन्हें इंसान लंबे समय तक याद रखता है। पहाड़ों के बीच अकेले बैठना, समुद्र किनारे सूर्यास्त देखना या किसी शांत जगह पर खुद के साथ वक्त बिताना ऐसे ही अनुभव हो सकते हैं। इसी तरह के खास और व्यक्तिगत एहसास को Main Character Moment कहा जाता है। इसमें किसी जगह से ज्यादा उस पल का अनुभव मायने रखता है। लंबी छुट्टी हर किसी को नहीं मिलती। ऐसे में कुछ घंटों या एक-दो दिन की छोटी ट्रिप भी रोजमर्रा की भागदौड़ से ब्रेक देने का काम करती है। इसी तरह की छोटी यात्रा को Microcation कहा जाता है।
इसमें लोग नजदीकी डेस्टिनेशन चुनते हैं और कम समय में घूमकर वापस लौट आते हैं। यानी ज्यादा छुट्टी लिए बिना ट्रैवल का मजा लेने का आसान तरीका Microcation है इस तरह Gen-Z Travel Terms यह दिखाते हैं कि आज की पीढ़ी के लिए ट्रैवल सिर्फ डेस्टिनेशन तक पहुंचना नहीं, बल्कि अपनी सुविधा और मूड के मुताबिक सफर को जीने का तरीका भी है।
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