District Bar Association Election 2026 : जिला बार एसोसिएशन के बहुप्रतीक्षित चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 11 जून को होने वाले मतदान के लिए विभिन्न पदों के उम्मीदवारों ने प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। बार भवन से लेकर अधिवक्ताओं के आवासों तक लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रत्याशी अपने पक्ष में माहौल बनाने और समर्थन जुटाने के लिए व्यक्तिगत संपर्क पर विशेष जोर दे रहे हैं।

चुनाव की तारीख नजदीक आते ही उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान को गति दे दी है। अधिवक्ताओं से सीधे संवाद कर उन्हें अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर इस बार भी अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। चुनावी चर्चाएं पूरे परिसर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
District बार चुनाव का बजा बिगुल
बार एसोसिएशन के पिछले चुनावों में हुए विवाद को लेकर इस बार प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। पिछली बार मतदान प्रक्रिया के दौरान अधिवक्ताओं के दो गुटों के बीच गंभीर टकराव हुआ था। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई और मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया। अंततः न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई जा सकी थी। उस दौरान चुनाव तीन बार आयोजित करने पड़े थे।
उम्मीदवार ने मांगा समर्थन
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रविंद्र शर्मा ने अपने चुनाव प्रचार को और तेज कर दिया है। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर अधिवक्ताओं से मुलाकात कर अपने पक्ष में मतदान की अपील की। इसी क्रम में टाउन स्कूल क्षेत्र में अधिवक्ता शिवम कौशिक के आवास पर एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए रविंद्र शर्मा ने कहा कि यदि उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती है तो वह अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। उन्होंने न्यायपालिका, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही। साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं के बीच आपसी संवाद और सौहार्द बढ़ाने का भी भरोसा दिलाया।
बैठक में मिला समर्थन
बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने रविंद्र शर्मा की बातों को ध्यान से सुना और उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया। इस दौरान कई वरिष्ठ और युवा अधिवक्ता मौजूद रहे। चुनावी माहौल के बीच इस तरह की बैठकों को प्रत्याशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इन्हीं के जरिए वे अपने पक्ष में माहौल तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले चुनावों के अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन का पूरा ध्यान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने पर है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी रणनीति तैयार की जा रही है। आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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