Delhi Protest : देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कई दिनों से जारी विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ इंडिया ब्लॉक के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा के नेता विपक्ष के प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जता रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है और विरोध प्रदर्शन के नाम पर आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
Delhi Protest
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर उसका श्रेय अपने नेतृत्व को देती है, लेकिन हारने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने लगती है। योगी ने इसे कांग्रेस का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि पार्टी को अपनी कमियों पर विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर पार्टी अपने नेताओं की मेहनत और उपलब्धियों की बात करती है, लेकिन नतीजे उसके पक्ष में नहीं आने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगती है।
#WATCH | Gorakhpur: On INDIA bloc’s protest in Delhi, Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, “They are inconveniencing the common public by creating anarchy. They are also attempting to question the constitutional institutions of the country. It is surprising that if they win elections, it is their capability. But if they lose, they blame EVMs, EC…Such conduct has become part of Congress’ intent. They should change their corrupt conduct and their distrustful leadership. They should not spread anarchy in India or attempt to question the constitutional bodies in India. People will not accept this anarchy, they will not tolerate this for long. If they continue like this, they will have to lose whatever they are left with…”
— ANI (@ANI) October 12, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह जनता के बीच संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है। योगी के मुताबिक, विपक्ष को अपनी राजनीतिक विफलताओं की समीक्षा करनी चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कही बात
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अव्यवस्था पैदा करके संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को चुनौती देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए और जनता के बीच विश्वास बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को अपने राजनीतिक व्यवहार में बदलाव लाने की सलाह भी दी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता लंबे समय तक इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस इसी रास्ते पर आगे बढ़ती रही तो उसे आने वाले समय में और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने नेतृत्व और कामकाज पर विचार करना चाहिए, क्योंकि जनता का भरोसा हासिल किए बिना चुनावी सफलता संभव नहीं है।
यूपी में कांग्रेस की स्थिति का जिक्र
अपने बयान में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 1985 के बाद राज्य में दोबारा अपनी सरकार नहीं बना सकी है। योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने दशकों पहले कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था और पार्टी अब तक अपना पुराना राजनीतिक आधार वापस नहीं पा सकी है। उन्होंने इसे कांग्रेस नेतृत्व के लिए आत्ममंथन का विषय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी कांग्रेस को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी असफलताओं के बावजूद पार्टी अपनी रणनीति बदलने के बजाय सरकारों और संस्थाओं पर सवाल उठाने में लगी हुई है। योगी ने कहा कि कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि मतदाता उसे बार-बार क्यों नकार रहे हैं।
दिल्ली के विरोध प्रदर्शन पर जताई नाराजगी
राजधानी में चल रहे विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व में हो रही गतिविधियों से अव्यवस्था का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इसके कारण आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर विरोध के नाम पर अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया।
दिल्ली में इंडिया ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में है। विपक्षी दल इन मामलों में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि भाजपा के नेता विपक्ष के आरोपों और प्रदर्शन के तरीके की आलोचना कर रहे हैं।
इसी राजनीतिक टकराव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है। उनके आरोप कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक टिप्पणियां हैं, जबकि चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विपक्ष के सवाल अलग विवाद का विषय बने हुए हैं।




