Delhi CJP Protest : राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन रविवार (11 अक्टूबर) को भी जारी रहा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार के घटनाक्रम के बाद एक बार फिर जंतर-मंतर की ओर कूच करने का ऐलान किया था। हालांकि, दिल्ली की स्थिति दिन-प्रतिदिन बद से बद्तर होती जा रही है। हर दिन कोई-न-कोई नया अपडेट सामने आ रहा है। इसी बीच Headlines India के CEO नवीन चौहान दिल्ली से पूरे मामले की ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे हैं। बीते 2 दिनों से दिन और रात दोनों टाइम वह लाइव वहां मौजूद रहकर आने वाले लोगों से बातचीत कर रहे हैं।
Headlines India के CEO नवीन चौहान रविवार को राजधानी में प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाते रहे। उनकी कवरेज में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों के व्यवहार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
Delhi CJP Protest
वहीं, बीते 11 अक्टूबर को भी जब पत्रकार नवीन चौहान अपने कैमरा पर्सन के साथ उपद्रिवयों से लगातार सवालों का सिलसिला जारी रखे। इसी बीत BBC का पत्रकार मिला, जिससे सवाल किए गए तो उसने जवाब देने से साफ इंकार कर दिया। उसने सभी दागे गए तीखे सवालों के केवल एक ही जवाब दिए कि जो भी बात करनी है वह बीबीसी के दफ्तर में जाकर या उन्हें मेल के माध्यम से पूछ सकते हैं। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे पत्रकार सच्चे सवालों से देश के मुद्दे को क्यों भटका रहे हैं। आखिर देश के लोगों को भड़का कर आखिर क्या हासिल करना चाहता है।
केवल इतना ही नहीं, जब पत्रकार नवीन चौहान ने हार नहीं मानी और लगातार उससे सवाल करते रहे तो बिना किसी बात का जवाब दिए वह वहां से भागता हुआ कैमरे में कैद हुआ। काफी दूर तक पीछा करने के बाद भी वह सभी सवालों से बचता नजर आया। दिल्ली में ऐसी घटनाएं लोकतंत्र और आने वाले कल के लिए बड़ा सवाल छोड़ जाती है।
BBC पत्रकार से पूछे तीखे सवाल
शनिवार और रविवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी और अभद्र भाषा के इस्तेमाल की घटनाएं भी सामने आई हैं। इस दौरान कुछ लोगों के आक्रामक रवैये और पत्रकारों से कथित अभद्रता की बात भी सामने आई। नवीन चौहान की रिपोर्टिंग में प्रदर्शन स्थल के आसपास बने तनावपूर्ण माहौल और पुलिस की कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया गया। शनिवार व रविवार की रात प्रदर्शन से जुड़े कुछ लोगों पर पत्रकारों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी करने के आरोप लगे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, जब वहां मौजूद लोगों से उनका नाम और प्रदर्शन स्थल पर आने का कारण पूछा गया तो कुछ ने नाराजगी जताते हुए कथित तौर पर अभद्र जवाब दिए। बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और स्थिति हाथापाई तक पहुंचने की आशंका पैदा हो गई।
देर रात भी बना रहा तनावपूर्ण माहौल
प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों के बीच लगातार 10 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे से ही कुछ लोगों के पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। इस दौरान कथित तौर पर हुई कहासुनी का वहां मौजूद अन्य लोगों ने विरोध किया। आरोप है कि विरोध जताने वालों को भी आपत्तिजनक जवाब दिए गए। घटनास्थल पर मौजूद कुछ व्यक्तियों ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर भीड़ के अनियंत्रित होने और पुलिस के हस्तक्षेप की खबरें भी सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा बल प्रयोग और लाठीचार्ज किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
प्रेस कार्ड दिखाने वालों पर भी सवाल
घटनाक्रम के दौरान कुछ व्यक्तियों के हिरासत में लिए जाने के बाद प्रेस पहचान पत्र दिखाने की बात भी सामने आई है। ऐसे लोगों की भूमिका और प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, केवल प्रेस कार्ड दिखाने या किसी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद होने के आधार पर किसी व्यक्ति को उपद्रव भड़काने का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। 10 और 11 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया था, ऐसा दावा किया जा रहा है। कुछ विवरणों में करीब 3 हजार लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है। फिलहाल, कल कितने लोगों को डिटेन किया गया है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
CJP और प्रदर्शन से जुड़े छात्र-युवा संगठनों ने रविवार को दोबारा विरोध जताने की घोषणा की थी। हालांकि, पुलिस फोर्स की सूझबुझ से ऐसा नहीं पाया। दरअसल, उनकी प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को रोकना है। शनिवार व रविवार की घटनाओं के बाद रविवार के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण बनी हुई है।
Headlines India की नजर
दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच Headlines India के CEO नवीन चौहान लगातार जमीनी हालात से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। शनिवार की कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदम प्रमुख मुद्दे रहे। फिलहाल, CJP ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस ने भी आज दिल्ली चलो का ऐलान किया है।
ऐसे में जंतर-मंतर के आसपास होने वाली गतिविधियों, पुलिस की तैयारियों और प्रदर्शन में शामिल लोगों के व्यवहार पर नजर बनी हुई है शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से हिंसा, धमकी या पत्रकारों के काम में बाधा डालने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।





