Delhi Illegal Construction Action : राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं के बाद प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में रविवार को भी विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की गई। आमतौर पर अवकाश के दिन ऐसी कार्रवाई कम देखने को मिलती है, लेकिन इस बार छुट्टी के बावजूद निगम की टीमें मैदान में उतरीं और कई स्थानों पर अवैध निर्माणों को निशाना बनाया। दक्षिण दिल्ली के चर्चित सैनिक फार्म इलाके में भी निगम ने कार्रवाई की।
यह क्षेत्र लंबे समय से निर्माण संबंधी नियमों को लेकर चर्चा में रहा है। अधिकारियों के अनुसार जिन स्थानों पर हाल के दिनों में नियमों के विपरीत निर्माण गतिविधियां हुई थीं, वहां कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके अलावा कृष्णा पार्क क्षेत्र में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया गया।
Delhi Illegal Construction Action
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जिन मामलों में नोटिस और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी निर्माण को बख्शा न जाए और कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। अवैध निर्माणों की पहचान के लिए निगम और दिल्ली सरकार की संयुक्त टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। अब तक राजधानी के विभिन्न हिस्सों में 130 से अधिक स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के दौरान कई जगह निर्माण नियमों के उल्लंघन और लाइसेंस शर्तों की अनदेखी के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
कई जिलों में हुई जांच
निरीक्षण अभियान के तहत दिल्ली के विभिन्न जिलों में व्यापक जांच की गई है। उत्तरी, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और मध्य जिलों समेत कई क्षेत्रों में टीमों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण गतिविधियों का सत्यापन किया। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां नोटिस जारी करने के साथ-साथ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार, अब तक अवैध निर्माण से जुड़ी 97 संपत्तियों को ध्वस्त किया जा चुका है। इसके अलावा 137 संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की गई है। निगम का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां भी रडार पर
नगर निगम विशेष रूप से उन व्यावसायिक इकाइयों पर नजर रख रहा है जो लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर रही हैं। बेड एंड ब्रेकफास्ट श्रेणी में संचालित कई इकाइयों के खिलाफ भी जांच और कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों को रोकने और शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
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