CM Yogi : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इटावा में आयोजित जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब शासन की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं। पहले सरकारी नौकरियों में योग्यता से ज्यादा जाति और सिफारिश को महत्व दिया जाता था, जबकि अब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर वर्ग के युवाओं को निष्पक्ष अवसर देना और प्रदेश को विकास की नई दिशा में आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी नेताओं की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय व्यक्तिगत दिनचर्या और राजनीतिक महफिलों को प्राथमिकता दी जाती थी।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को समय नहीं देने वालों को आखिरकार जनता ने ही सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनके इस बयान पर जनसभा में मौजूद लोगों ने तालियों और नारों के साथ प्रतिक्रिया दी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले जब भी सरकारी नौकरियों की भर्ती निकलती थी तो भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगते थे। कई मामलों में अदालतों को हस्तक्षेप करना पड़ता था और भर्ती प्रक्रियाएं रुक जाती थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने ऐसी व्यवस्थाओं पर रोक लगाकर भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया है। अब युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिल रही है, जिससे सरकारी तंत्र में विश्वास भी बढ़ा है।
विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें देश की चार प्रमुख ताकतों—गरीब, किसान, युवा और महिला—को विकास का आधार बताया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन्हीं चार वर्गों के सशक्तिकरण के लिए योजनाएं चला रही है। हर हाथ को रोजगार और हर परिवार तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, कृषि और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है।
किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिले सरकार के लिए समान हैं और किसी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि जिस तरह गोरखपुर में विकास कार्य हुए हैं, उसी तरह इटावा और मैनपुरी में भी आधारभूत ढांचे, सड़कों, रोजगार और जनसुविधाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले विकास योजनाएं राजनीतिक कारणों से प्रभावित होती थीं, जबकि अब प्रदेश के हर जिले को समान प्राथमिकता देकर आगे बढ़ाया जा रहा है।





