CIA Chief John Ratcliffe : यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव के बीच सीआईए के निदेशक जॉन रेटक्लिफ के अचानक मॉस्को पहुंचने से हलचल तेज हो गई है। उनके इस दौरे को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए रेटक्लिफ ने रूसी अधिकारियों के साथ अहम बातचीत की। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि युद्ध के मैदान में रूस की स्थिति कमजोर होने पर वह संघर्ष को और ज्यादा आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा सकता है।
इसी खतरे को देखते हुए सीआईए प्रमुख का मॉस्को दौरा हुआ। ऐसा माना जा रहा है कि बैठक का एक अहम मकसद रूस को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से दूर रहने की चेतावनी देना था।
CIA Chief John Ratcliffe
सूत्रों के मुताबिक, रेटक्लिफ ने रूसी अधिकारियों के सामने यह संदेश रखा कि यूक्रेन संघर्ष को किसी भी स्थिति में और ज्यादा गंभीर स्तर तक न ले जाया जाए। खासकर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की स्थिति में पैदा होने वाले खतरे को लेकर अमेरिका की चिंता बातचीत का प्रमुख हिस्सा रही। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों की ओर से रेटक्लिफ के मॉस्को दौरे और बैठक में हुई बातचीत को लेकर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसी वजह से इस यात्रा के वास्तविक उद्देश्य को लेकर कई सवाल बने हुए हैं।
हमला न करने की सलाह
यूक्रेन युद्ध से जुड़ी एक और अहम जानकारी सामने आई है। ‘कीव इंडिपेंडेंट’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वाशिंगटन ने कीव को रेटक्लिफ की मॉस्को में मौजूदगी के दौरान रूस पर हमला नहीं करने को कहा था। इस जानकारी से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका रेटक्लिफ के दौरे के दौरान किसी भी ऐसी सैन्य कार्रवाई से बचना चाहता था, जिससे बातचीत या खुफिया स्तर पर चल रही गतिविधियां प्रभावित हो सकती थीं। रॉयटर के मुताबिक, क्रेमलिन ने पुष्टि की कि सीआईए प्रमुख ने मॉस्को में रूसी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों से मुलाकात की। हालांकि, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रेटक्लिफ के बीच कोई बैठक नहीं हुई।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि पुतिन को रेटक्लिफ के मॉस्को दौरे के बारे में जानकारी दी गई थी। हालांकि, उन्होंने बैठक से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की।
नहीं बताया दौरे की वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रेटक्लिफ के मॉस्को दौरे के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं की। बुधवार को ग्लेन बेक प्रोग्राम में यूक्रेन युद्ध पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि शायद अब इस दिशा में कुछ नतीजा निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका युद्ध को खत्म करने के लिए काफी मेहनत कर रहा है। रेटक्लिफ से पहले सीआईए प्रमुख रहे विलियम बर्न्स भी नवंबर 2021 में मॉस्को गए थे। उस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की थी। इसके करीब तीन महीने बाद फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू कर दिया था।
इसी वजह से रेटक्लिफ के मौजूदा मॉस्को दौरे को भी बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि, बैठक का वास्तविक परिणाम और रूस-अमेरिका के बीच हुई बातचीत का असर आने वाले दिनों में ही साफ हो सकेगा।
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