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Central Cabinet के बड़े फैसले, कपास कांति मिशन मंजूर; गन्ना किसानों के लिए बढ़ा FRP

Kisan
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Central Cabinet : पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं। सरकार ने कपास उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा मिशन लॉन्च किया है। साथ ही गन्ना किसानों को भी राहत देने के लिए न्यूनतम मूल्य में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘कपास कांति’ मिशन को हरी झंडी दे दी है।

यह योजना 2026-27 से लेकर 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी। इस मिशन के तहत सरकार करीब 5659.22 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे कपास की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।

Central Cabinet के बड़े फैसले

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना से देश के लगभग 32 लाख कपास किसानों को फायदा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में कपास उत्पादन को बढ़ाकर 498 लाख गांठ तक पहुंचाया जाए, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो सके और विदेशी मुद्रा की बचत हो। सरकार का यह मिशन ‘5-F विजन’ के तहत लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य खेत से लेकर फैशन और फिर विदेश तक पूरे उत्पादन चक्र को मजबूत बनाना है। इस रणनीति के जरिए किसानों, उद्योग और निर्यात तीनों को एक साथ बढ़ावा देने की योजना है, जिससे भारत की वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में स्थिति मजबूत हो सके।

गन्ना किसानों को बड़ी राहत

कपास के साथ-साथ गन्ना किसानों के लिए भी सरकार ने अहम फैसला लिया है। कैबिनेट कमेटी ने गन्ने के फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस (FRP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी रेट के लिए गन्ने का मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पहले 355 रुपये था। इस फैसले का असर देशभर के करीब पांच करोड़ गन्ना किसानों पर पड़ेगा। इसके अलावा चीनी मिलों में काम करने वाले लगभग पांच लाख श्रमिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। नया FRP 2026-27 के शुगर सीजन में 1 अक्टूबर से लागू होगा, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होने की उम्मीद है।

मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इन दोनों फैसलों से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और साथ ही संबंधित उद्योगों में भी तेजी आएगी। कपास और गन्ना दोनों ही फसलों का देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है, ऐसे में इन क्षेत्रों में सुधार से व्यापक आर्थिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। इन योजनाओं के जरिए सरकार का फोकस देश को कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। कपास उत्पादन बढ़ाकर आयात कम करना और गन्ना किसानों की आय बढ़ाना दोनों ही कदम इसी दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन फैसलों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिलेगा।

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