Home » उत्तर प्रदेश » UP में जनगणना-2027 की शुरुआत, योगी बोले- विकास की नई दिशा तय करेंगे आंकड़े

UP में जनगणना-2027 की शुरुआत, योगी बोले- विकास की नई दिशा तय करेंगे आंकड़े

Census Janganna
Census Janganna

UP News : उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पहले चरण का शुभारंभ किया। इस दौरान ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ का संदेश देते हुए मकान सूचीकरण और मकानों की गणना प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाई गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनगणना विभाग से जुड़े कर्मचारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनगणना को केवल आबादी गिनने की प्रक्रिया मानना सही नहीं होगा। उनके अनुसार यह देश और प्रदेश की विकास योजनाओं की मजबूत नींव होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं को सही दिशा देने में जनगणना से मिलने वाले आंकड़े अहम भूमिका निभाते हैं।

UP में जनगणना-2027 की शुरुआत

सीएम ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसके लिए सटीक डेटा जरूरी है। उन्होंने बताया कि आज का दौर डेटा आधारित फैसलों का है, इसलिए सही जानकारी भविष्य की नीतियों को मजबूत बनाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। पहले चरण में मकानों की गणना और सूचीकरण किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि 7 मई से 21 मई 2026 तक आम लोगों को स्वगणना का विकल्प भी मिलेगा। यानी नागरिक खुद ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन और सूचीकरण का कार्य करेंगे।

दूसरे चरण में होगी लोगों की गणना

सरकार की योजना के अनुसार पहले चरण में मकानों और परिवारों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग जानकारी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक इस बार तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल होने से काम तेज गति से पूरा होने की उम्मीद है। जनगणना विभाग ने इसके लिए विशेष पोर्टल भी तैयार किया है, जहां ग्राम पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक की निगरानी की जा सकेगी। प्रशासन का दावा है कि इससे डेटा संग्रह में पारदर्शिता बनी रहेगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी।

इस बार जातीय गणना भी होगी शामिल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार की जनगणना में जातीय गणना को भी शामिल किया गया है। यह पहली बार होगा जब सामान्य जनगणना के साथ जातीय आंकड़े भी व्यवस्थित रूप से जुटाए जाएंगे। इसके अलावा वन ग्रामों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है ताकि दूरदराज क्षेत्रों की आबादी का भी सही रिकॉर्ड तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति समझने और योजनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।

प्रदेशभर में तैनात होंगे लाखों कर्मचारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश की अनुमानित आबादी करीब 25 करोड़ 70 लाख है। इतने बड़े स्तर पर जनगणना कराने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 नगरीय निकायों और 57 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में यह कार्य किया जाएगा। इसके लिए करीब 5.25 लाख कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। इनमें लगभग 4.50 लाख प्रगणक, 85 हजार सुपरवाइजर और 12 हजार राज्य व जिला स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।

जनता से सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना को केवल सरकारी प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी मानकर इसमें सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नागरिक सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि सरकार भविष्य की योजनाओं को और बेहतर तरीके से तैयार कर सके। उन्होंने भरोसा जताया कि जनगणना-2027 प्रदेश के विकास की नई दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इससे योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगा।

Read More : Lucknow में अंबेडकर स्मारक बना आकर्षण का नया केंद्र, पढ़ें

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?