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18 Tons के अनमोल पत्थर से बनी बुद्ध प्रतिमा, दुनिया में शांति का संदेश दे रही अद्भुत कहानी

18 Tons : दुनिया में कई ऐसी खोजें हुई हैं जिन्होंने लोगों को हैरान कर दिया, लेकिन कनाडा में मिली एक विशाल जेड चट्टान की कहानी आज भी बेहद खास मानी जाती है। साल 2000 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया इलाके में खुदाई के दौरान मजदूरों को जमीन के भीतर एक असाधारण पत्थर मिला। यह कोई साधारण चट्टान नहीं थी, बल्कि करीब 18 टन वजनी दुर्लभ जेड पत्थर था। इसकी चमक, रंग और गुणवत्ता ने विशेषज्ञों को भी चौंका दिया था। बाद में इस विशाल पत्थर को “पोलर प्राइड” नाम दिया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार यह पत्थर ‘जेम क्वालिटी नेफ्राइट जेड’ श्रेणी का था, जिसे दुनिया के सबसे बेहतरीन जेड पत्थरों में गिना जाता है। इसका गहरा हरा रंग और मजबूती इसे बेहद खास बनाती है।

18 Tons

इतनी बड़ी और शुद्ध जेड चट्टान का मिलना इतिहास में बहुत कम देखने को मिला है। यही वजह रही कि इसकी चर्चा दुनिया भर में होने लगी। कई संग्रहकर्ताओं और धार्मिक संस्थाओं ने इसमें दिलचस्पी दिखाई। इस दुर्लभ चट्टान का आधा हिस्सा बाद में एक बौद्ध मठ ने खरीद लिया। इसके बाद कलाकारों और शिल्पकारों ने महीनों की मेहनत से इसे भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा का रूप दिया। इस मूर्ति को “जेड बुद्ध फॉर यूनिवर्सल पीस” नाम दिया गया। प्रतिमा को इस तरह तराशा गया कि उसमें शांति, करुणा और आध्यात्मिक ऊर्जा साफ महसूस होती है। आज यह मूर्ति दुनिया की सबसे प्रसिद्ध जेड बुद्ध प्रतिमाओं में शामिल है।

आकर्षण का केंद्र

यह विशाल बुद्ध प्रतिमा अब ऑस्ट्रेलिया के “ग्रेट स्तूप ऑफ यूनिवर्सल कम्पैशन” में स्थापित है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इसे देखने पहुंचते हैं। हालांकि समय-समय पर इस प्रतिमा को अलग-अलग देशों की प्रदर्शनियों में भी ले जाया जाता है, ताकि दुनिया भर के लोग इसकी भव्यता को करीब से देख सकें। इसे केवल धार्मिक प्रतीक ही नहीं, बल्कि विश्व शांति के संदेश के रूप में भी देखा जाता है।

क्या होता है नेफ्राइट जेड पत्थर?

जिस पत्थर से यह मूर्ति बनी है, उसे विज्ञान की भाषा में नेफ्राइट जेड कहा जाता है। जेड पत्थर अपनी मजबूती और आकर्षक रंग के लिए जाना जाता है। प्राचीन समय से इसका इस्तेमाल आभूषण, धार्मिक मूर्तियां और सजावटी वस्तुएं बनाने में होता आया है। यह आसानी से टूटता नहीं और लंबे समय तक अपनी चमक बनाए रखता है। इसी वजह से इसे बेहद कीमती माना जाता है।

कनाडा की खदानें क्यों हैं खास?

ब्रिटिश कोलंबिया क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े नेफ्राइट जेड स्रोतों में गिना जाता है। यहां की खदानों से निकलने वाले पत्थर उच्च गुणवत्ता के होते हैं, जिनकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी काफी ज्यादा रहती है। यही कारण है कि कनाडा जेड उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है। 18 टन के पत्थर से तैयार की गई यह बुद्ध प्रतिमा अब केवल एक कलाकृति नहीं रह गई है। यह दुनिया भर में शांति, करुणा और आध्यात्मिकता का प्रतीक बन चुकी है। प्रकृति के गर्भ से निकला यह अनमोल पत्थर आज करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा और आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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