Bijwasan Terminal : दिल्ली के पश्चिमी छोर पर आकार ले रहा बिजवासन रेलवे टर्मिनल सिर्फ एक नया स्टेशन नहीं, बल्कि यात्रियों के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाली परियोजना बनता जा रहा है। इसे ‘पश्चिम का द्वार’ कहा जा रहा है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां ट्रेन का इंतजार करते हुए यात्री हवाई जहाजों की उड़ान और लैंडिंग भी देख सकेंगे। यात्रियों को यह अनोखा नजारा दिखाने के लिए टर्मिनल के वेटिंग हॉल की एयरपोर्ट की ओर वाली दीवार पूरी तरह शीशे की बनाई जा रही है।
बिजवासन टर्मिनल का निर्माण पारंपरिक रेलवे स्टेशनों से बिल्कुल अलग है। इसे एयरपोर्ट टर्मिनल की थीम पर तैयार किया जा रहा है। यहां मुख्य इमारत रेलवे लाइनों के ऊपर बनाई गई है, जिससे सभी प्लेटफॉर्म एक-दूसरे से सीधे जुड़े रहेंगे।
Bijwasan Terminal: विशाल वेटिंग हॉल
इस टर्मिनल का वेटिंग एरिया भूतल पर नहीं, बल्कि पहली मंजिल पर तैयार किया जा रहा है। हर प्लेटफॉर्म से इस वेटिंग हॉल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट और सीढ़ियों की व्यवस्था होगी। यानी बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। यह वेटिंग हॉल सभी प्लेटफॉर्म से सीधे जुड़ा रहेगा। वेटिंग हॉल की छत को सहारा देने वाले लोहे के पिलर बिल्कुल एयरपोर्ट के फोरकोर्ट एरिया जैसे दिखेंगे। इनका रंग भी सफेद रखा गया है, जिससे पूरा परिसर आधुनिक और खुला महसूस होगा। रनवे के बेहद करीब होने के कारण भवन की ऊंचाई सीमित रखी गई है। फर्श से छत की ऊंचाई करीब 15 मीटर होगी, ताकि एयरपोर्ट सुरक्षा मानकों का पालन किया जा सके।
वातानुकूलित इंतजाम
बिजवासन टर्मिनल का वेटिंग हॉल पूरी तरह एयर कंडीशंड होगा। यहां पंखों की जरूरत नहीं पड़ेगी। गर्मी हो या सर्दी, यात्रियों को आरामदायक माहौल मिलेगा। लंबा इंतजार भी यहां बोझिल महसूस नहीं होगा, खासकर जब सामने उड़ते विमान नजर आ रहे हों। इस रेलवे टर्मिनल की सबसे बड़ी ताकत इसका कनेक्टिविटी नेटवर्क है। एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर द्वारका अंतरराज्यीय बस टर्मिनल प्रस्तावित है, जहां से पश्चिमी भारत के लिए बसें चलेंगी। टर्मिनल दो प्रमुख सड़कों के बीच स्थित है। इनमें से एक द्वारका से गुरुग्राम को जोड़ती है, दूसरी एयरपोर्ट से सटे गांवों को पश्चिमी दिल्ली और गुरुग्राम से जोड़ती है।
मेट्रो और एयरपोर्ट होगा नजदीक
रेलवे टर्मिनल के पास मेट्रो स्टेशन भी एक किलोमीटर से कम दूरी पर है। वहीं, आईजीआई एयरपोर्ट की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सीधे टर्मिनल-3 से जुड़ी हुई है। ट्रेन, बस, मेट्रो और हवाई सफर चारों साधन एक ही इलाके में मिल जाएंगे। बिजवासन रेलवे टर्मिनल दिल्ली के लिए सिर्फ एक नया स्टेशन नहीं, बल्कि एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनने जा रहा है।
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