Kanpur Airport : कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली से आई फ्लाइट के उतरते ही अचानक मधुमक्खियों का झुंड एयरपोर्ट परिसर में दिखाई देने लगा। आमतौर पर पक्षियों को लेकर सतर्क रहने वाला एयरपोर्ट स्टाफ इस अप्रत्याशित हालात से सकते में आ गया। कुछ ही देर में मामला रनवे और विमान की सीढ़ियों तक पहुंच गया, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। स्थिति तब ज्यादा गंभीर गई, जब कुछ मधुमक्खियां उड़कर सीधे विमान की सीढ़ियों तक जा पहुंचीं। यात्रियों के उतरने से पहले ही स्टाफ ने मोर्चा संभाल लिया। हालांकि, मधुमक्खियां विमान के अंदर नहीं घुसीं, लेकिन पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया।
घटना को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत लखनऊ से एक विशेष टीम को बुलाया। शनिवार को टीम ने रनवे और आसपास के इलाकों में केमिकल का छिड़काव शुरू किया। फ्लाइट संचालन से पहले और बाद में हर आधे घंटे पर स्प्रे कराया गया, ताकि किसी भी तरह का खतरा दोबारा पैदा न हो।
Kanpur Airport पर स्प्रे अभियान
शनिवार को बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई जाने वाली व आने वाली सभी फ्लाइट्स के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई। हर मूवमेंट के बाद रनवे पर केमिकल छिड़काव कराया गया। यह पूरा काम लखनऊ की एक अधिकृत कंपनी के जरिए किया गया। जांच में सामने आया कि हवाई अड्डे से थोड़ी दूरी पर कुछ पेड़ों पर मधुमक्खियों के छत्ते मौजूद हैं। मौसम में बदलाव के कारण मधुमक्खियां अपने स्थान से भटककर रनवे की ओर आ गईं।
रनवे के आसपास अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है, ताकि किसी भी हलचल पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। मौसम बदलने के दौरान इस तरह की घटनाओं की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।
निदेशक ने दी सफाई
हवाई अड्डा निदेशक प्रदीप यादव ने कहा कि शुक्रवार को कुछ मधुमक्खियां जरूर विमान की सीढ़ियों तक पहुंची थीं, लेकिन विमान के भीतर एक भी मधुमक्खी नहीं गई। पायलट ने भी उड़ान से पहले पूरी जांच के बाद ही टेकऑफ की अनुमति दी थी। निदेशक ने कहा कि विमान के अंदर अगर एक भी मधुमक्खी मौजूद होती, तो सुरक्षा नियमों के तहत फ्लाइट को ग्राउंड कर दिया जाता। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाता। फिलहाल, हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
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