Ashes Series : सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में रविवार को शुरू हुए एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच से पहले ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने क्रिकेट से ज्यादा इंसानियत को केंद्र में ला दिया। मैदान पर मौजूद खिलाड़ी हों या दर्शक, हर किसी की आंखें नम थीं। वजह थी बोंडी बीच हमले में घायल हुए लोगों की मौजूदगी, जिन्होंने दर्द के बावजूद हिम्मत नहीं हारी।
पिछले महीने बोंडी बीच पर हुए अचानक हमले ने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर दिया था। इस हमले में कई बेगुनाहों की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। उसी त्रासदी को याद करते हुए मैच से पहले श्रद्धांजलि समारोह रखा गया, ताकि पीड़ितों की बहादुरी और बलिदान को सम्मान दिया जा सके।
Ashes Series: इंसानियत की जीत
मैच की शुरुआत से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान के बीचोंबीच कतार में खड़े हो गए। स्टेडियम में सन्नाटा था और माहौल बेहद गंभीर। इसी दौरान हमले में बचने वाले लोग एक-एक कर मैदान पर आए। खिलाड़ियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया, वहीं, दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से उनका स्वागत किया। इस दौरान सबसे पहले अहमद अल अहमद मैदान पर उतरे। उनका एक हाथ स्लिंग में था, जो उस साहस की गवाही दे रहा था जो उन्होंने हमले के वक्त दिखाई। सीरिया में जन्मे अहमद ने हमलावर को रोकने की कोशिश की थी और इसी दौरान घायल हो गए। मैदान में कदम रखते ही पूरे स्टेडियम ने उनकी बहादुरी को सलाम किया।
बच्चों को बचाने की कीमत
अहमद के साथ छाया डेडोन भी थीं, जो बैसाखी के सहारे चल रही थीं। हमले के दौरान उन्होंने दो बच्चों को बचाने की कोशिश की और इस दौरान उनका पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर हमले में मारे गए सभी 15 लोगों के नाम दिखाए गए। ग्राउंड अनाउंसर ने उन सभी का नाम लेकर सम्मान किया और उन लोगों का भी आभार जताया, जिन्होंने घायल व्यक्तियों की मदद की और उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
A touching tribute for the victims of the Bondi massacre, first responders and community members ❤️ #Ashes pic.twitter.com/DXaW3xY4LP
— cricket.com.au (@cricketcomau) January 3, 2026
राष्ट्रीय गान
श्रद्धांजलि के बाद राष्ट्रीय गान बजाया गया, जिससे माहौल और भी भावुक हो गया। इसके बाद न्यू साउथ वेल्स के खेल मंत्री स्टीव कैम्पर और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग ने अहमद और छाया से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा, जो इस टेस्ट के बाद क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हैं, ने टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने आगे बढ़कर अहमद और छाया से हाथ मिलाया।
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