Uttrakhand Politics : देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि भाजपा नेता इसके समर्थन में विपक्ष को घेर रहे हैं। इसी बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार (10 अक्टूबर) को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष SIR के मुद्दे पर लोगों के बीच गलत जानकारी फैला रहा है और संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर बेवजह विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मतदाता सूचियों की जांच और पुनरीक्षण की प्रक्रिया कोई नई व्यवस्था नहीं है। पहले भी इस तरह के अभियान चलाए जाते रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि जब उसके शासनकाल में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाता था, तब पार्टी को कोई परेशानी क्यों नहीं थी।
Uttrakhand Politics
धामी के मुताबिक, अब उसी प्रक्रिया का विरोध करना कांग्रेस के राजनीतिक रुख में विरोधाभास को दिखाता है। धामी ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को दूर करना और चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने के बजाय उन्हें सही जानकारी दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भारत निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना आयोग का संवैधानिक दायित्व है। मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता बनाए रखना भी इसी जिम्मेदारी का हिस्सा है। धामी के मुताबिक, चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के विरोध को लेकर धामी ने कहा कि विपक्ष का रवैया उसकी राजनीतिक निराशा को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक कमजोरियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। CM ने दावा किया कि जनता के बीच कांग्रेस का भरोसा कम हुआ है और पार्टी अब संवैधानिक प्रक्रियाओं को विवाद का विषय बना रही है।
PM मोदी के नेतृत्व का उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के कामकाज की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश विकास, सुशासन और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहा है। धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर असहज है और इसी कारण जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी विवाद खड़ा कर रही है। हालांकि ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर विपक्ष का अलग पक्ष है।
जनहित के कामों में राहुल गांधी और कांग्रेस के पेट में दर्द क्यों होता है? https://t.co/8ZcHOQUpl9
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 10, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को सरकार के फैसलों और नीतियों का विरोध करने का अधिकार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विरोध तथ्यों और ठोस तर्कों पर आधारित होना चाहिए। धामी के मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह SIR के संबंध में अपनी आपत्तियां स्पष्ट तथ्यों के साथ सामने रखे।
SIR को लेकर क्यों चल रहा विवाद?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं का विवरण अद्यतन करना और सूची में संभावित त्रुटियों की पहचान करना है। हालांकि विपक्षी दल इस प्रक्रिया के तरीके और इसके संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। दूसरी ओर भाजपा के नेता इस प्रक्रिया को चुनावी पारदर्शिता के लिए जरूरी बता रहे हैं। फिलहाल, SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ताजा बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। इस बीच मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का निष्पक्ष पालन इस पूरे विवाद के महत्वपूर्ण पहलू बने हुए हैं।




