CM Yogi : उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच उम्मीदवारों की संख्या को लेकर चल रही चर्चा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान ने सियासी बहस को और बढ़ा दिया है. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए एक बार फिर 80-20 का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव से ही विधानसभा चुनाव के नतीजों का संकेत मिल गया है.
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी साफ कर दिया है कि उनका ध्यान अब राज्यसभा की तीसरी सीट के बजाय विधानसभा की सभी 403 सीटों पर है. दोनों नेताओं के बयानों के बाद राज्यसभा चुनाव के साथ 2027 की राजनीतिक तैयारियां भी चर्चा में आ गई हैं.
CM Yogi
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में एनडीए और समाजवादी पार्टी के पीडीए को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘ये लड़ाई 80-20 की फिर आ गई है, 80 फीसदी एनडीए में, 20 फीसदी पीडीए में.’ मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव ने आगामी विधानसभा चुनाव की तस्वीर का संकेत दे दिया है. हालांकि उनका यह बयान राजनीतिक आकलन है, चुनाव परिणाम का कोई स्थापित अनुमान नहीं. राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने की चर्चा चल रही थी. हालांकि पार्टी ने फिलहाल दो उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारने का फैसला किया है.
लड़ाई फिर 80-20 पर आ गई है… https://t.co/mTpdlf7w41
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 7, 2026
इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि जरूरी संख्या का समर्थन मिलने पर तीसरे उम्मीदवार के बारे में विचार किया जा सकता है. अब पार्टी की रणनीति दो सीटों पर केंद्रित दिखाई दे रही है.
अखिलेश बोले- अब 403 सीटों पर ध्यान
राज्यसभा चुनाव के बीच अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘अब हमारा ध्यान तीन पर नहीं, 403 पर है.’ उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं और समाजवादी पार्टी अगले चुनाव के लिए अपनी राजनीतिक रणनीति तैयार कर रही है. राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आठ उम्मीदवारों के नाम सामने रखे हैं. इनमें धर्मपाल सिंह, श्रुति गंगवार, प्रकाश पाल, विद्या सागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह शामिल हैं. इन नामों के साथ पार्टी ने राज्यसभा की आठ सीटों पर अपनी चुनावी तैयारी आगे बढ़ाई है.
राज्यसभा चुनाव में कैसे होता है मतदान?
राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव सीधे जनता नहीं करती. विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं. चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व के तहत एकल संक्रमणीय मत प्रणाली लागू होती है. विधायक उम्मीदवारों को अपनी प्राथमिकता के अनुसार वोट देते हैं. निर्धारित कोटा पूरा करने और वोटों के हस्तांतरण की प्रक्रिया के आधार पर उम्मीदवारों की जीत तय होती है. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. यदि कुल उम्मीदवारों की संख्या रिक्त सीटों के बराबर रहती है और सभी नामांकन वैध होते हैं, तो मतदान की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन उम्मीदवारों की संख्या सीटों से ज्यादा होने पर चुनाव कराया जाता है. ऐसी स्थिति में विधायकों की संख्या के साथ उनकी मतदान प्राथमिकताएं भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं.
तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
राज्यसभा चुनाव के बीच योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बयानों से साफ है कि दोनों दल अपनी राजनीतिक तैयारियों को विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर पेश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने एनडीए और पीडीए के बीच 80-20 का दावा किया है, जबकि अखिलेश यादव ने सभी 403 विधानसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है. हालांकि राज्यसभा चुनाव का गणित विधायकों की मौजूदा संख्या पर आधारित होता है, जबकि विधानसभा चुनाव में जनता सीधे अपने प्रतिनिधियों को चुनती है. इसलिए राज्यसभा की सीटों के आधार पर 2027 के विधानसभा चुनाव का परिणाम तय नहीं माना जा सकता.





