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UP Politics: पूर्व CBI निदेशक एम. नागेश्वर राव की राजनीति में एंट्री, वाराणसी से संभाली इस पार्टी की कमान

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UP Politics : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक मैदान में एक और पार्टी अपनी जगह बनाने की तैयारी में है. लंबे समय तक पुलिस और प्रशासनिक सेवा में रहे पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव ने अब सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है. इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को चुना है. काशी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राव ने सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली. प्रशासनिक व्यवस्था में करीब चार दशक बिताने के बाद अब उनका फोकस राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र पर है. पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और भारतीय सभ्यता से जुड़ाव को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है.

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राव का कहना है कि देश को तकनीक और अर्थव्यवस्था के मामले में आधुनिक बनाने के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत रखना जरूरी है. हालांकि यूपी की चुनावी राजनीति में पार्टी की रणनीति और संगठन की वास्तविक तस्वीर आने वाले समय में साफ होगी.

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एम. नागेश्वर राव लंबे समय तक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े रहे हैं. सीबीआई में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली. अब उन्होंने प्रशासनिक सेवा से अलग राजनीतिक रास्ता चुना है. वाराणसी से अपनी नई पारी की शुरुआत करते हुए उन्होंने देश के विकास को लेकर पार्टी की प्राथमिकताएं सामने रखीं. नागेश्वर राव के मुताबिक उनकी पार्टी की सनातन की अवधारणा केवल धार्मिक पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है. उन्होंने इसे सत्य, कर्तव्य, करुणा, न्याय, संयम, परिवार, प्रकृति और समाज से जुड़े मूल्यों के रूप में पेश किया. उनका कहना है कि इन्हीं मूल्यों को आधुनिक व्यवस्था के साथ जोड़ने की जरूरत है.

संस्कृति पर फोकस

राव ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी अतीत की व्यवस्था में वापस जाने की बात नहीं कर रही है. पार्टी तकनीक, अर्थव्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार का समर्थन करती है. इसके साथ ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता से जुड़े मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया गया है. सर्वजन सनातन पार्टी ने अपनी राजनीतिक सोच को चार प्रमुख हिस्सों में बांटा है. इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सभ्यतागत जुड़ाव शामिल हैं. शिक्षा में आधुनिक पढ़ाई के साथ भारतीय इतिहास और ज्ञान परंपरा को महत्व देने की बात कही गई है. आजीविका के मुद्दे पर पार्टी युवाओं के साथ किसानों, कारीगरों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए अवसर बढ़ाने की बात कर रही है.

पार्टी का कहना है कि आर्थिक विकास का फायदा समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचना चाहिए. स्वास्थ्य को भी पार्टी ने अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है. इसमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं को भी स्थान देने की बात कही गई है. पार्टी का दावा है कि उसका फोकस आम लोगों तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर रहेगा.

मंदिर और तीर्थ को लेकर अलग सोच

राव ने मंदिरों और तीर्थ स्थलों को भारतीय सभ्यता से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्थाओं के रूप में विकसित और संरक्षित करने की बात कही है. उनके मुताबिक इन स्थानों पर बेहतर व्यवस्था, पारदर्शिता और आम लोगों की भागीदारी पर ध्यान दिया जाना चाहिए. नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हुए नागेश्वर राव ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी पार्टी का एजेंडा किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है. उन्होंने सर्वजन की अवधारणा पर जोर देते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर काम करने की बात कही. राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद एम. नागेश्वर राव के सामने सबसे बड़ा काम पार्टी के संगठन का विस्तार करना होगा.

उत्तर प्रदेश में पहले से कई बड़े और क्षेत्रीय राजनीतिक दल सक्रिय हैं. ऐसे में सर्वजन सनातन पार्टी किन क्षेत्रों में अपना संगठन तैयार करती है, किन नेताओं को साथ जोड़ती है और 2027 के लिए उम्मीदवारों को लेकर क्या रणनीति बनाती है, इसकी तस्वीर आने वाले महीनों में साफ होगी.

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