Bryan Johnson Anti Aging : सुबह 4 बजे उठना, दिन का आखिरी खाना 11 बजे तक खत्म कर लेना और रात 8 बजे सो जाना। इसके साथ रोजाना दर्जनों सप्लीमेंट और शरीर से जुड़े हर छोटे-बड़े बदलाव का हिसाब रखना। अमेरिकी टेक उद्यमी ब्रायन जॉनसन की जिंदगी किसी सामान्य दिनचर्या से काफी अलग है। उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के अपने प्रयोगों के कारण चर्चा में रहने वाले जॉनसन अब अपनी गर्लफ्रेंड के पीरियड ब्लड को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले फ्रीजर में रखने को लेकर सुर्खियों में हैं। 48 साल के ब्रायन जॉनसन लंबे समय से एंटी-एजिंग प्रयोग कर रहे हैं। वह अपनी नींद, खान-पान, व्यायाम और शरीर के अलग-अलग बायोमार्कर पर लगातार नजर रखते हैं। उनका उद्देश्य शरीर की जैविक उम्र बढ़ने की रफ्तार को कम करना है।
इसी कोशिश में वह नियमित मेडिकल टेस्ट कराने के साथ बड़ी संख्या में सप्लीमेंट भी लेते हैं। हालांकि इन प्रयोगों से इंसान की उम्र असाधारण रूप से बढ़ने या अमर होने का कोई स्थापित वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
Bryan Johnson Anti Aging
जॉनसन ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनकी गर्लफ्रेंड केट टोलो के पीरियड ब्लड के नमूने माइनस 80 डिग्री सेल्सियस वाले फ्रीजर में सुरक्षित रखे गए हैं। यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन जॉनसन का कहना है कि इसके पीछे मेडिकल डेटा जुटाने का उद्देश्य है। उनके मुताबिक मासिक धर्म से मिलने वाले नमूनों के जरिए महिलाओं की सेहत से जुड़े कई पहलुओं को समझने की कोशिश की जा सकती है। जॉनसन के मुताबिक वह और केट इन नमूनों की मदद से एंडोक्राइन सिस्टम से जुड़े संकेतों और माइक्रोप्लास्टिक जैसी चीजों की जांच करना चाहते हैं।
उनका मानना है कि मासिक धर्म से जुड़े जैविक नमूने शरीर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं। हालांकि इस तरह के निजी प्रयोगों से निकलने वाले निष्कर्षों को स्थापित मेडिकल रिसर्च का विकल्प नहीं माना जा सकता।
प्रयोगों के कारण चर्चा में
ब्रायन जॉनसन इससे पहले भी शरीर से जुड़े प्रयोगों के कारण चर्चा में रहे हैं। उन्होंने अपने युवा बेटे का प्लाज्मा अपने शरीर में चढ़वाने का प्रयोग किया था। बाद में जॉनसन ने खुद बताया था कि प्लाज्मा एक्सचेंज से उन्हें वह फायदा नहीं मिला, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। इसके बाद उन्होंने उस प्रयोग को आगे जारी नहीं रखा। जॉनसन के मुताबिक, उनकी गर्लफ्रेंड अपने मासिक धर्म चक्र से जुड़े बड़े पैमाने पर डेटा जुटा रही हैं। उन्होंने करीब 14 मिलियन डेटा पॉइंट इकट्ठा करने की बात कही है। उनका दावा है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश की जा रही है। जॉनसन के अनुसार इन प्रयोगों पर मेडिकल प्रोफेशनल्स की टीम भी नजर रखती है।
सप्लीमेंट कारोबार से जुड़े हैं दोनों
जॉनसन और टोलो एंटी-एजिंग और वेलनेस से जुड़े उत्पादों के कारोबार से भी जुड़े हुए हैं। जॉनसन लंबे समय से अपने खान-पान, सप्लीमेंट और लाइफस्टाइल प्रोटोकॉल को सार्वजनिक करते रहे हैं। वह दावा करते हैं कि उनके कई प्रोडक्ट उनके अपने प्रयोगों और डेटा से मिली जानकारी के आधार पर तैयार किए जाते हैं। ऐसे दावों को स्वतंत्र वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अलग से परखना जरूरी है। जॉनसन के प्रयोगों ने वैज्ञानिकों के बीच भी बहस छेड़ी है। भौतिक विज्ञानी जिम अल-खलीली समेत कई विशेषज्ञ इंसान के हमेशा जीवित रहने की संभावना को मौजूदा विज्ञान के आधार पर अवास्तविक मानते हैं।
स्वस्थ जीवनशैली से कई बीमारियों का जोखिम घटाया जा सकता है और स्वस्थ जीवनकाल बढ़ाने में मदद मिल सकती है, लेकिन उम्र बढ़ने को पूरी तरह रोक देने या मौत को हमेशा के लिए टाल देने का कोई प्रमाणित तरीका फिलहाल विज्ञान के पास नहीं है।
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