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Political News: तमिलनाडु के CM विजय के TVK मोर्चे का नया नाम तय, कांग्रेस समेत 4 दल हुए साथ

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Political News : भारत की राजनीति में इस समय पुराने गठबंधनों के साथ-साथ नए राजनीतिक मोर्चे भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. राष्ट्रीय स्तर पर दलों के बीच गठजोड़ का असर राज्यों की राजनीति पर भी दिखाई दे रहा है. खासतौर पर दक्षिण भारत में क्षेत्रीय दल अपनी ताकत बढ़ाने के लिए नए सामाजिक और राजनीतिक समीकरण तैयार कर रहे हैं. तमिलनाडु भी इसी बदलाव का अहम केंद्र बनता जा रहा है.

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यहां अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए कई दलों को एक साथ लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कांग्रेस, VCK, MDMK और IUML के साथ TVK का गठबंधन अब नए नाम के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है.

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चेन्नई में हुई अहम बैठक के बाद इस गठबंधन का नाम ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ तय किया गया है. नाम के जरिए गठबंधन ने अपने राजनीतिक आधार और प्राथमिकताओं का संकेत देने की कोशिश की है. ‘सेक्युलर’ और ‘सोशल जस्टिस’ जैसे शब्द सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष राजनीति पर जोर दिखाते हैं, जबकि ‘विक्ट्री अलायंस’ सीधे तौर पर विजय के नेतृत्व और चुनावी लक्ष्य से जुड़ा नजर आता है.

TVK के साथ आए 4 दल

इस नए राजनीतिक मोर्चे में विजय की TVK के अलावा कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग शामिल हैं. अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक आधार वाले इन दलों के एक मंच पर आने से तमिलनाडु की चुनावी राजनीति में मुकाबला दिलचस्प हो गया है. TVK के लिए यह गठबंधन राज्य में संगठन और राजनीतिक पहुंच बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है. गठबंधन का नाम तय करने के लिए चेन्नई के पनायुर स्थित TVK मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई.

इसमें सहयोगी दलों के प्रमुख नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में सिर्फ गठबंधन के नाम पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि आगे की चुनावी रणनीति और आपसी तालमेल को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. गठबंधन को किस तरह जमीन पर उतारा जाए, इस पर भी नेताओं ने अपनी राय रखी.

बनाने पर बनी सहमति

बैठक में गठबंधन के लिए साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने और संयुक्त संचालन समिति बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हुई. इसका मकसद सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय कायम करना और चुनाव के दौरान एक साझा राजनीतिक लाइन तैयार करना है. अलग-अलग विचारधारा और जनाधार वाले दलों को एक मंच पर बनाए रखना इस गठबंधन के सामने बड़ी चुनौती भी होगी. बैठक में कांग्रेस की तरफ से मणिकम टैगोर, थारागाई कथबर्ट और प्रवीण चक्रवर्ती शामिल हुए.

VCK की ओर से थोल थिरुमावलवन सहित कई वरिष्ठ नेता पहुंचे. MDMK की तरफ से वाइको और दुरई वाइको मौजूद रहे, जबकि IUML की ओर से के.एम. कादर मोइदीन और शाहजहां ने बैठक में हिस्सा लिया. नेताओं की मौजूदगी से साफ है कि गठबंधन को लेकर सहयोगी दलों के बीच गंभीर स्तर पर बातचीत चल रही है.

वाम दलों ने बनाई बैठक से दूरी

इस बैठक में CPM और CPI शामिल नहीं हुए. CPM पहले ही TVK सरकार को मुद्दा-आधारित बाहरी समर्थन देने की बात कह चुकी है. पार्टी का राज्य मंत्रिमंडल में कोई प्रतिनिधित्व भी नहीं है. ऐसे में दोनों वाम दलों की बैठक से दूरी को गठबंधन के मौजूदा स्वरूप के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. TVK की राजनीति केवल गठबंधन विस्तार तक सीमित नहीं दिखाई दे रही है. पार्टी की ओर से महिलाओं और परिवारों को ध्यान में रखकर कई लोकलुभावन घोषणाएं भी की गई हैं. महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का दायरा बढ़ाने और मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने जैसे वादों को चुनावी एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है. ऐसे फैसलों के जरिए पार्टी सीधे मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

मुकाबला होगा और दिलचस्प

विजय के नए गठबंधन ने तमिलनाडु की राजनीति में एक और ध्रुव तैयार करने की संभावना बढ़ा दी है. कांग्रेस, VCK, MDMK और IUML जैसे दलों का साथ TVK को अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकता है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह गठबंधन सीटों के बंटवारे, साझा कार्यक्रम और जमीनी संगठन को किस तरह संभालता है. अगर तालमेल मजबूत रहा, तो तमिलनाडु की अगली चुनावी लड़ाई में विजय का यह नया मोर्चा मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.

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