UP Startup Policy 2026 : उत्तर प्रदेश में युवाओं के आइडिया को कारोबार और रोजगार में बदलने की दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को ₹3.42 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही 9 इनक्यूबेटर्स को ₹1.79 करोड़ की सहायता राशि का वितरण होगा।
कार्यक्रम में ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल की शुरुआत भी होगी। सरकार का फोकस युवाओं को नौकरी तलाशने वालों से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में तैयार करने पर है।
UP Startup Policy 2026
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कुल करीब 120 स्टार्टअप्स थे। अब प्रदेश में इनकी संख्या बढ़कर 24,000 से अधिक हो चुकी है। सरकार इसे प्रदेश में बदलते कारोबारी माहौल और युवाओं के बढ़ते उद्यमिता रुझान से जोड़कर देख रही है। सरकार का कहना है कि नए आइडिया को सही अवसर और इनोवेशन को प्रोत्साहन मिलने से प्रदेश में नए उद्यम खड़े हो रहे हैं। इन उद्यमों के जरिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
उच्च शिक्षण संस्थान केवल परंपरागत पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, इनोवेशन और R&D के लिए आपको एक बेहतरीन माहौल तैयार करना होगा…
हमारी सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों में रिसर्च एक्टिविटीज हेतु अलग से फंड उपलब्ध करवाया है… pic.twitter.com/VE7WoQYuHL
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 27, 2026
कार्यक्रम में कहा गया कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे Young Workforce में से एक है। प्रदेश के युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जावान हैं। ऐसे में उनकी क्षमता को सिर्फ पारंपरिक रोजगार तक सीमित रखने के बजाय इनोवेशन और उद्यमिता की दिशा में इस्तेमाल करने की जरूरत है।
यूनिवर्सिटी में रिसर्च के लिए अलग फंड
उच्च शिक्षण संस्थानों को भी बदलती जरूरतों के अनुसार अपनी भूमिका बढ़ानी होगी। विश्वविद्यालयों और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों में सिर्फ पारंपरिक पाठ्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय Innovation और R&D के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर जोर दिया गया। सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में Research Activities को बढ़ावा देने के लिए अलग से फंड उपलब्ध कराया गया है। इसका उद्देश्य संस्थानों में रिसर्च, नए प्रयोग और तकनीकी समाधान विकसित करने की संस्कृति को मजबूत करना है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इनक्यूबेटर्स की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। नए उद्यमियों को आइडिया से लेकर कारोबार शुरू करने तक जरूरी मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने में इनक्यूबेटर्स मदद करते हैं।
स्टार्टअप नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि के वितरण, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 पुस्तिका के विमोचन एवं उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल के शुभारंभ हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में…https://t.co/piocNiX20W
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 27, 2026
Job Creator बनने पर फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि युवाओं के आइडिया को अवसर, इनोवेशन को प्रोत्साहन और स्टार्टअप को सामर्थ्य देने से रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होंगी। सरकार का लक्ष्य युवाओं में ‘Job Seeker’ से ‘Job Creator’ बनने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसी सोच के तहत नई स्टार्टअप नीति, प्रोत्साहन राशि और डिजिटल पोर्टल को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पोर्टल के जरिए स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ी सुविधाओं और योजनाओं तक पहुंच आसान बनाने की कोशिश की जाएगी।
कार्यक्रम में सरकार की ओर से उद्यमियों से नए विचारों के साथ आगे आने और प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने में भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। संदेश साफ है कि ‘नया यूपी’ अब पीछे हटने वाला नहीं है, बल्कि नए विचारों, नए उद्यमों और नए रोजगार के जरिए अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Read More : Nepal Flood: सैलाब में बहने लगा नेपाली श्रमिक, आम के पेड़ ने बचाई जान; पढ़ें




