Old Age Pension : राजधानी में वृद्धावस्था पेंशन पाने की उम्मीद लगाए करीब 13 हजार बुजुर्गों के आवेदन उम्र सत्यापन के दस्तावेजों की कमी के कारण अटक गए हैं। कई आवेदनों में परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाणपत्र के बजाय आधार कार्ड लगाया गया है। आवेदन में संशोधन के लिए विभाग की ओर से फार्म वापस किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी जानकारी समय पर नहीं मिलने के कारण बुजुर्ग लगातार विकास भवन और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है।
कुछ महीने पहले पेंशन आवेदन में उम्र सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब उम्र के प्रमाण के लिए परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाने का प्रावधान है। पहले आधार कार्ड के आधार पर ही उम्र का सत्यापन स्वीकार कर लिया जाता था।
Old Age Pension
नियम बदलने के बाद पुराने तरीके से किए गए कई आवेदन जांच में अटक गए हैं। सदर तहसील क्षेत्र के गोमतीनगर निवासी रामकुमार रस्तोगी अपनी पत्नी की पेंशन के आवेदन की जानकारी लेने विकास भवन पहुंचे। उनका कहना है कि आवेदन में आधार कार्ड लगाया गया था। अब उम्र से संबंधित दूसरा दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिया है, लेकिन समस्या अभी तक दूर नहीं हुई। वह पहले भी दो बार कार्यालय आ चुके हैं। ऐसे में उन्हें आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार विभाग का रुख करना पड़ रहा है।
2500 आवेदन लौटाए
आवेदन की कमियों को दूर कराने में विभाग के सामने भी चुनौती बनी हुई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार के मुताबिक, जिन आवेदनों में उम्र के प्रमाण के तौर पर आधार लगाया गया है, उन्हें संशोधन के लिए वापस भेजा जा रहा है। हाल के दिनों में करीब 2500 आवेदन लौटाए गए, लेकिन इनमें से लगभग 1000 आवेदन ही संशोधित होकर दोबारा विभाग तक पहुंचे हैं। पेंशन से जुड़ी समस्याओं को लेकर आईजीआरएस पर भी शिकायतें लगातार दर्ज हो रही हैं। बुजुर्गों को आवेदन की स्थिति की जानकारी तो मिल जाती है, लेकिन उसमें दर्ज कमी को दूर करने के लिए क्या करना है, इसकी जानकारी कई बार स्पष्ट नहीं हो पाती। विभाग की ओर से आवेदन वापस भेजे जाने की सूचना मोबाइल पर आती है, लेकिन कई बुजुर्ग ओटीपी और मैसेज पर ध्यान नहीं दे पाते।
परिजनों के नंबर दर्ज
विभाग के सामने एक और समस्या यह है कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग मोबाइल संदेशों को नियमित रूप से नहीं देखते। कई आवेदनों में बुजुर्गों के बजाय उनके परिजनों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। कुछ मामलों में दर्ज मोबाइल नंबर सक्रिय भी नहीं हैं। ऐसे में आवेदन में सुधार के लिए भेजी गई सूचना संबंधित व्यक्ति तक समय पर नहीं पहुंच पाती।विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पेंशन के आवेदकों को समय-समय पर अपने आवेदन की स्थिति जांचते रहना चाहिए। अगर आवेदन में किसी दस्तावेज की कमी दिखाई देती है तो संबंधित ब्लॉक के एडीओ समाज कल्याण या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि विकास भवन पहुंचने वाले आवेदकों को उनके फार्म में मौजूद कमी की जानकारी देकर आवेदन संशोधन के लिए वापस किया जा रहा है। विभाग की ओर से समस्या दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कई बुजुर्गों को आवेदन वापस होने की जानकारी समय पर नहीं मिल पा रही है।
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