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Lucknow के 12 वर्षीय लक्ष्य का कमाल, 18 में 16 मैच जीतकर एशियाई टीम में बनाई जगह

Lucknow News : लखनऊ के 12 वर्षीय टेबल टेनिस खिलाड़ी लक्ष्य कुमार ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अल्माटी में हुए चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन के दम पर लक्ष्य ने आईटीटीएफ वर्ल्ड होप्स वीक एंड चैलेंज के लिए एशियाई टीम में जगह बनाई है। उन्होंने ट्रायल में 18 मुकाबले खेले, जिनमें 16 में जीत दर्ज की और दूसरे स्थान पर रहे। कजाकिस्तान के अल्माटी में 29 जुलाई से 3 अगस्त तक चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी।

इसमें एशिया के करीब 35 देशों के युवा टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबलों के बीच लक्ष्य का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा। दूसरे स्थान पर रहने के कारण उन्हें एशियाई टीम में शामिल किया गया। टीम में थाईलैंड के चोथिरुन नंताचाइवुत और कतर के रबीह खालिद अल-कुवारी भी चुने गए हैं।

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अब लक्ष्य इंग्लैंड के शीफील्ड में 12 से 18 अक्टूबर तक होने वाले आईटीटीएफ वर्ल्ड होप्स वीक एंड चैलेंज में एशियाई टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से चुने गए युवा खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। लक्ष्य के लिए यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा अवसर होगा। लक्ष्य लखनऊ के विकासनगर स्थित पैसिफिक टेनिस अकादमी में भारतीय टेबल टेनिस कोच पराग अग्रवाल से प्रशिक्षण लेते हैं। उनके लिए यह साल शानदार रहा है। पिछले महीने ताशकंद में आयोजित अंडर-13 डब्ल्यूटीटी यूथ रेगुलर चैलेंज में उन्होंने उपविजेता का स्थान हासिल किया था। इससे पहले उन्होंने ऑल इंडिया रैंकिंग टेबल टेनिस में कांस्य पदक जीता और ऑल इंडिया आईसीएसई टेबल टेनिस चैंपियनशिप में खिताब अपने नाम किया था।

यूपी के दूसरे खिलाड़ी

लक्ष्य इस चैंपियनशिप में एशियाई टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तर प्रदेश के दूसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले वाराणसी के पार्थ प्रभाकर ने 2021 में एशियाई टीम की ओर से इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वहीं लखनऊ के दिव्यांश श्रीवास्तव 2024 में भारत की ओर से अंडर-19 विश्व चैंपियनशिप में खेल चुके हैं। आईटीटीएफ वर्ल्ड होप्स वीक एंड चैलेंज युवा टेबल टेनिस खिलाड़ियों की प्रतिभा तलाशने वाला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत 2009 में हुई थी। इसका उद्देश्य कम उम्र के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रतिस्पर्धा का अनुभव देना है। एशिया समेत विभिन्न महाद्वीपों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन इस आयोजन के लिए किया जाता है।

योगदान की सराहना

यूपी टेनिस एसोसिएशन के सचिव अरुण बनर्जी ने लक्ष्य की उपलब्धि को बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि महज 12 साल की उम्र में एशियाई टीम में जगह बनाना लक्ष्य की प्रतिभा और मेहनत को दर्शाता है। उनके मुताबिक लक्ष्य के खेल को निखारने में कोच पराग अग्रवाल की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।

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