Lucknow Railways : रेल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए रेलवे लखनऊ से अयोध्या, वाराणसी और मथुरा के बीच मिरर ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। इन ट्रेनों का संचालन उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के सहयोग से किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और यात्रा को सुविधाजनक बनाना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार मिरर ट्रेन और क्लोन ट्रेन की व्यवस्था अलग-अलग होती है। क्लोन ट्रेन किसी मौजूदा ट्रेन के आगे या पीछे चलाई जाती है और उसका यात्रा समय लगभग समान होता है। वहीं मिरर ट्रेन ऐसी सेवा होती है, जिसमें एक ही समय पर दोनों दिशाओं से समान रूट पर ट्रेनें रवाना होती हैं।
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उदाहरण के तौर पर यदि वाराणसी से लखनऊ के लिए सुबह छह बजे ट्रेन रवाना होती है, तो उसी समय लखनऊ से वाराणसी के लिए भी एक मिरर ट्रेन चलेगी। दोनों ट्रेनें एक-दूसरे की दिशा में एक साथ अपनी यात्रा शुरू करेंगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वाराणसी रूट पर मिरर ट्रेन चलाने का प्रस्ताव वर्ष 2023 में तत्कालीन डीआरएम सुरेश कुमार सपरा ने भेजा था। हालांकि उस समय योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब यात्रियों की बढ़ती संख्या और बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत को देखते हुए इस प्रस्ताव पर दोबारा काम किया जा रहा है।
चारबाग स्टेशन पर भी होंगे बदलाव
मिरर ट्रेन योजना के साथ-साथ लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए नई लिफ्ट, एस्केलेटर, शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। रेलवे का लक्ष्य स्टेशन को अधिक आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाना है। मिरर ट्रेनों के शुरू होने से लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी और मथुरा के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। एक ही समय पर दोनों दिशाओं में ट्रेन संचालन होने से यात्रा की योजना बनाना आसान होगा और व्यस्त रूटों पर यात्रियों का दबाव भी संतुलित किया जा सकेगा। रेलवे की यह पहल भविष्य में अन्य प्रमुख रूटों पर भी लागू की जा सकती है।




