UP News : आगरा से एटा को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-321जी (NH-321G) के निर्माण को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट से टीटीजेड (ताज ट्रेपेजियम जोन) क्षेत्र में आवश्यक पेड़ों की कटाई की अनुमति मिलने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। करीब 51.60 किलोमीटर लंबे इस दो-लेन हाईवे का निर्माण 685.51 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। लंबे समय से कानूनी और पर्यावरणीय अड़चनों के कारण रुका यह प्रोजेक्ट अब जल्द जमीन पर उतरने की उम्मीद है। टेढ़ी बगिया से नूंहखास होते हुए एटा तक बनने वाले इस राजमार्ग के निर्माण में सबसे बड़ी रुकावट वन विभाग की अंतिम अनुमति और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला था।
टीटीजेड क्षेत्र में पेड़ों की कटाई बिना न्यायालय की मंजूरी के संभव नहीं थी, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। मंगलवार को हुई सुनवाई में अदालत से अनुमति मिलने के बाद अब वन विभाग से स्टेज-2 क्लीयरेंस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके पूरा होते ही निर्माण एजेंसी को कार्य प्रारंभ करने का रास्ता मिल जाएगा।
UP के आगरा से एटा का सफर आसान
इस परियोजना की प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से अलग-अलग चरणों में चल रही है। पहले वित्तीय निविदा मार्च 2024 में खोली गई थी, लेकिन बाद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसे निरस्त कर दिया। इसके बाद फरवरी 2026 में नए सिरे से टेंडर जारी किए गए। तकनीकी निविदा 16 जुलाई को खोली जा चुकी है, लेकिन कानूनी बाधाओं के चलते निर्माण शुरू नहीं हो पाया था। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति शून्य है, हालांकि सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
काम लगभग पूरा
परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरी तरह पूरा कर लिया गया है। आगरा जिले के सात गांवों में अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को 22.36 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। वहीं एटा जिले के 13 गांवों में तय मुआवजा राशि में से अधिकांश भुगतान कर दिया गया है। केवल कुछ लाभार्थियों को शेष राशि भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से दी जानी बाकी है। इससे निर्माण शुरू होने के बाद जमीन संबंधी किसी बड़ी बाधा की संभावना नहीं है।
मिलेगी नई रफ्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग-321जी के निर्माण से आगरा और एटा के बीच यात्रा अधिक आसान और तेज होगी। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल भी लगातार प्रयासरत रहे और विभिन्न स्तरों पर आवश्यक मंजूरियों के लिए संबंधित विभागों से संपर्क बनाए रखा। अब सुप्रीम कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि बाकी औपचारिकताएं जल्द पूरी होंगी और बहुप्रतीक्षित हाईवे का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
Read More : UP में बारिश से बिगड़े हालात, शारदा नदी खतरे के निशान के पार; कई जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा





