UP Government Schemes : उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य जन्म से लेकर उच्च शिक्षा और विवाह तक बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हो और बेटियों को बेहतर अवसर मिल सकें। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में पात्र परिवार इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। आइए जानते हैं प्रदेश में बेटियों के लिए संचालित पांच प्रमुख सरकारी योजनाओं के बारे में…
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहयोग देना है। सरकार ने वर्ष 2024 में इस योजना की कुल सहायता राशि 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी थी।
UP Government Schemes
योजना के तहत बेटी के जन्म पर 5 हजार रुपये, सभी टीकाकरण पूरे होने पर 2 हजार रुपये, कक्षा 1 और कक्षा 6 में प्रवेश पर 3-3 हजार रुपये, कक्षा 9 में प्रवेश पर 5 हजार रुपये तथा 12वीं के बाद कॉलेज, डिग्री या कम से कम दो वर्ष के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर 7 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी ऐसे परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम है। सामान्यतः एक परिवार की दो बेटियां पात्र होती हैं, जबकि जुड़वां बेटियों जैसी विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त लाभ का प्रावधान भी है।
भविष्य होगा सुरक्षित
बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना भी एक महत्वपूर्ण बचत योजना है। इसमें 10 वर्ष से कम आयु की बेटी के नाम पर खाता खोला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। वर्तमान में इस योजना पर 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उच्च शिक्षा के लिए जमा राशि का 50 प्रतिशत निकाला जा सकता है, जबकि खाता 21 वर्ष बाद परिपक्व होता है। जमा राशि, ब्याज और परिपक्वता राशि पर आयकर नियमों के अनुसार छूट का भी लाभ मिलता है।
1 लाख रुपये तक की सहायता
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकार सामूहिक विवाह योजना संचालित कर रही है। इस योजना के तहत प्रति जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें 60 हजार रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि 25 हजार रुपये के उपहार और 15 हजार रुपये विवाह आयोजन की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं। योजना का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र परिवारों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम हो।
विशेष सहायता
सरकार गंभीर हिंसा की शिकार बालिकाओं और महिलाओं के लिए भी विशेष सहायता उपलब्ध कराती है। अपराध की गंभीरता के आधार पर एक लाख से लेकर दस लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है। इसके अलावा सरकारी या अधिकृत अस्पतालों में निःशुल्क इलाज, पुनर्वास, शिक्षा, आवास और जरूरत पड़ने पर बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था भी की जाती है, ताकि पीड़ित सामान्य जीवन में वापस लौट सकें।
मुफ्त सुविधाएं
बेटियों की पढ़ाई को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मुफ्त स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी उपलब्ध कराती है। स्कूल छोड़ने वाली छात्राओं की संख्या कम करने और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के माध्यम से पात्र छात्राओं को निःशुल्क आवासीय शिक्षा की सुविधा दी जाती है। यदि बेटी सभी पात्रता शर्तें पूरी करती है तो वह एक साथ कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकती है। उदाहरण के लिए पढ़ाई के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना और विवाह के समय सामूहिक विवाह योजना का लाभ लिया जा सकता है।
आवेदन हो सकता है खारिज
विशेषज्ञों के अनुसार कई आवेदन छोटी-छोटी गलतियों के कारण निरस्त हो जाते हैं। पुराने आय प्रमाण पत्र का उपयोग, आधार कार्ड, बैंक खाते और शैक्षणिक दस्तावेजों में नाम का अंतर, बैंक खाते का आधार से लिंक न होना या गलत चरण में आवेदन करना आवेदन अस्वीकार होने के प्रमुख कारण हैं। आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों का मिलान और पात्रता की जांच करना जरूरी है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।





