DDU Gorakhpur University : दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) ने जुलाई-दिसंबर 2026 शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातक प्रथम और तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों हेतु स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (SEC) और एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स (AEC) की सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत ये कोर्स निर्धारित छात्रों के लिए अनिवार्य होंगे और प्रत्येक छात्र को अपने सेमेस्टर के अनुसार एक कोर्स का चयन कर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।
‘स्वयं’ (SWAYAM) के नोडल अधिकारी प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित SEC और AEC पाठ्यक्रमों में से विद्यार्थियों को केवल एक विकल्प चुनना होगा। चयनित कोर्स का पंजीकरण विश्वविद्यालय के पोर्टल पर करना अनिवार्य रहेगा।
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यह व्यवस्था विद्यार्थियों को रोजगारपरक और व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से लागू की गई है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि बदलते समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। छात्रों को आधुनिक तकनीक, संचार कौशल और नई कार्यशैली से जोड़ना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय ‘स्वयं’ पोर्टल के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा तैयार ऑनलाइन पाठ्यक्रम विद्यार्थियों तक पहुंचा रहा है। उन्होंने सभी संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित कराने की अपील की है।
शीर्ष संस्थानों की पढ़ाई
‘स्वयं’ भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षा पहल है, जिसके माध्यम से आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा तैयार पाठ्यक्रम निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। इन कोर्सों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नई तकनीकी समझ, व्यावसायिक दक्षता और रोजगार से जुड़े कौशल विकसित करना है। प्रथम सेमेस्टर के SEC पाठ्यक्रमों में फूड एंड न्यूट्रिशन, स्पीकिंग एंड प्रेजेंटेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस, हेल्थकेयर मैनेजमेंट, सॉफ्ट स्किल्स, ग्लोबल कम्युनिकेशन और साइबर साइकोलॉजी जैसे विषय शामिल किए गए हैं।
वहीं, तृतीय सेमेस्टर के SEC में फाइनेंशियल अकाउंटिंग, इंडियन नॉलेज सिस्टम, एआई इन डिजिटल एंड सोशल मीडिया मार्केटिंग, फूड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे विकल्प दिए गए हैं। AEC श्रेणी में बॉडी लैंग्वेज, तनाव प्रबंधन, लेखन कौशल, प्रमुख हिंदी कहानियां, कॉस्ट अकाउंटिंग और पोषण जैसे विषय शामिल हैं।
छात्रों को भी मिलेगी सुविधा
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अधिकांश कोर्स इस तरह चुने गए हैं कि उनमें हिंदी सबटाइटल उपलब्ध हैं, जबकि कई पाठ्यक्रम पूरी तरह हिंदी भाषा में भी संचालित किए जाएंगे। इससे हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को विषय समझने में आसानी होगी और वे बिना किसी भाषा संबंधी परेशानी के ऑनलाइन अध्ययन कर सकेंगे।
डीडीयू गोरखपुर ने ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जनवरी-जून 2026 सत्र में 1.10 लाख से अधिक विद्यार्थियों का ‘स्वयं’ पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए विश्वविद्यालय को आईआईटी कानपुर में आयोजित कार्यक्रम में ‘सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन’ से सम्मानित किया गया था। अब नए सत्र में भी विश्वविद्यालय सभी छात्रों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि कोई भी विद्यार्थी समय पर पंजीकरण से वंचित न रहे।
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