IIT Kanpur : कानपुर और आसपास के कई जिलों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी राहत की खबर है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर परिसर में बन रहा यदुपति सिंहानिया सुपरस्पेशलिटी अस्पताल नवंबर से अपनी सेवाएं शुरू करेगा। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि अस्पताल का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। यहां मरीजों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के साथ अत्याधुनिक ट्रॉमा केयर और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत संचालित होने वाले इस अस्पताल के पहले चरण में 500 बेड की सुविधा तैयार की गई है। अस्पताल में इलाज के साथ-साथ चिकित्सा अनुसंधान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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दूसरे चरण में संस्थान में स्नातकोत्तर (पीजी) और पीएचडी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए नई तकनीकों और उपकरणों का विकास करना है। अस्पताल में कार्डियोलॉजी, कार्डियोवैस्कुलर एवं थोरैसिक सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी केयर और पीडियाट्रिक केयर जैसी कई सुपरस्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध होंगी। सड़क दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर मामलों के इलाज के लिए अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर भी बनाया गया है।
इससे कानपुर के साथ उन्नाव, फतेहपुर, कन्नौज, औरैया, हमीरपुर और आसपास के अन्य जिलों के मरीजों को भी उच्च स्तरीय इलाज के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
साकार हुआ सपना
करीब 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मेडिकल परिसर की स्थापना आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्रों के सहयोग से की गई है। संस्थान के पूर्व छात्र राकेश गंगवाल ने गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रारंभिक योगदान दिया है। वहीं उद्योगपति यदुपति सिंहानिया के परिवार ने अस्पताल के निर्माण में आर्थिक सहयोग दिया, जिसके सम्मान में अस्पताल का नाम उनके नाम पर रखा गया है।
मिलेगी ये सुविधा
| क्रमांक | उपलब्ध सुविधा |
|---|---|
| 1 | कार्डियोलॉजी |
| 2 | कार्डियोवैस्कुलर थोरैसिक सर्जरी |
| 3 | गैस्ट्रोएंटरोलॉजी |
| 4 | नेफ्रोलॉजी |
| 5 | यूरोलॉजी |
| 6 | न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी |
| 7 | इमरजेंसी एवं ट्रॉमा केयर सेंटर |
| 8 | सेंटर फॉर पीडियाट्रिक केयर |
विशेषज्ञों का भी मिलेगा लाभ
अस्पताल केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे मेडिकल रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। गंगवाल स्कूल से देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों के अलावा अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन सहित कई देशों के विशेषज्ञ विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में जुड़े हुए हैं। इससे मरीजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में भी नए नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने विश्वास जताया कि नवंबर से अस्पताल के शुरू होने के बाद क्षेत्र के लाखों लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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