Aadhaar Update Online : आधार कार्ड में पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी अपडेट कराने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के नए आधार ऐप के जरिए अब कई सेवाएं घर बैठे स्मार्टफोन से ही उपलब्ध होंगी। इसके लिए सिर्फ इतना जरूरी है कि आपका आधार किसी सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक हो। ऐप में लॉगिन करने के बाद उपयोगकर्ता ऑनलाइन आवेदन कर अपने आधार की जानकारी अपडेट कर सकते हैं, जिससे आधार केंद्र जाने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
नए आधार ऐप में एड्रेस अपडेट के लिए दो विकल्प दिए गए हैं। पहला, यदि आपके पास नए पते का कोई वैध दस्तावेज है तो उसे अपलोड कर फेस ऑथेंटिकेशन और 75 रुपये शुल्क जमा करने के बाद आवेदन किया जा सकता है।
Aadhaar Update Online
दूसरा विकल्प ‘हेड ऑफ फैमिली’ (HoF) का है। इसमें यदि आपके नाम पर एड्रेस प्रूफ नहीं है तो परिवार के किसी सदस्य, जैसे माता-पिता या पति-पत्नी के आधार में दर्ज पते को अपने आधार में अपडेट कराया जा सकता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद यूआईडीएआई की ओर से सर्विस रिक्वेस्ट नंबर (SRN) जारी होगा, जिसकी मदद से आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकेगी। सामान्यतः पता अपडेट होने में करीब 15 दिन का समय लगता है।
ऐप पर उपलब्ध
यूआईडीएआई ने नए ऐप में मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा भी जोड़ दी है। यदि आधार से जुड़ा पुराना मोबाइल नंबर सक्रिय है तो नए नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। अगर ऐप किसी दूसरे नंबर से लॉगिन किया गया है तो पुराने और नए दोनों नंबरों पर आए ओटीपी का सत्यापन करना होगा। हालांकि जिन लोगों का पुराना मोबाइल नंबर बंद हो चुका है या आधार से कभी मोबाइल नंबर लिंक नहीं था, उन्हें यह सुविधा ऑनलाइन नहीं मिलेगी। ऐसे मामलों में आधार केंद्र जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य रहेगा।
अपडेट करें ई-मेल आईडी
यूआईडीएआई ने एक जुलाई 2026 से आधार में ई-मेल आईडी जोड़ने और अपडेट करने की सुविधा भी नए ऐप पर शुरू कर दी है। खास बात यह है कि 31 दिसंबर 2026 तक इस सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहले इसके लिए 75 रुपये देने पड़ते थे। आधार से ई-मेल आईडी लिंक होने पर उपयोगकर्ता को आधार के इस्तेमाल से जुड़ी सूचनाएं ई-मेल पर भी मिलेंगी, जिससे किसी भी अनधिकृत उपयोग या धोखाधड़ी का पता समय रहते लगाया जा सकेगा।
आधार को अपडेट कराना जरूरी
यूआईडीएआई ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों का पहला बायोमेट्रिक अपडेट पांच वर्ष और दूसरा 15 वर्ष की आयु में जरूर कराएं। दोनों सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं। समय पर अपडेट नहीं कराने पर बच्चे का आधार प्रोफाइल निष्क्रिय हो सकता है। इसके अलावा जिन लोगों का आधार 10 वर्ष या उससे अधिक पुराना है और जिन्होंने अब तक कोई जानकारी अपडेट नहीं कराई है, उन्हें पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज दोबारा अपलोड करने की सलाह दी गई है। इससे सरकारी रिकॉर्ड अद्यतन रहेगा और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
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