Kanpur News : कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों के व्यापक विकास का रास्ता साफ हो गया है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय (डीजीएमई) ने करीब 591 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं में हैलट अस्पताल में नौ मंजिला ओपीडी कॉम्प्लेक्स, आधुनिक रिसर्च लैब, नए छात्रावास, पैरामेडिकल भवन और डॉक्टरों के आवास शामिल हैं। परियोजनाओं के लिए 183.10 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने पर भी सैद्धांतिक सहमति मिल गई है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों की परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। प्रस्तावों की उपयोगिता, लागत, साइट प्लान और ले-आउट का परीक्षण करने के बाद डीजीएमई ने सभी प्रमुख योजनाओं को मंजूरी प्रदान कर दी।
Kanpur GSVM मेडिकल कॉलेज
30 जून को लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव एवं महानिदेशक डॉ. सारिका मोहन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कानपुर, गोरखपुर और अयोध्या मेडिकल कॉलेजों की प्रस्तावित विकास योजनाओं पर चर्चा की गई। सबसे बड़ी परियोजना हैलट अस्पताल में बनने वाले नए नौ मंजिला ओपीडी कॉम्प्लेक्स की है। लगभग 183 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन 4500 वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार होगा। इसमें दो बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और सात ऊपरी मंजिलें होंगी। प्रत्येक मंजिल पर अलग-अलग विभागों की ओपीडी संचालित होगी, जिससे प्रतिदिन आने वाले ढाई से तीन हजार मरीजों को बेहतर और व्यवस्थित चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
सुविधाओं का होगा विस्तार
मुरारीलाल चेस्ट अस्पताल परिसर में करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से नया भवन बनाया जाएगा। इसमें आधुनिक ओपीडी, आईसीयू और प्राइवेट रूम की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं मेडिकल कॉलेज परिसर में पुराने एनिमल पार्क की जगह अत्याधुनिक रिसर्च लैब का निर्माण किया जाएगा। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह बहुमंजिला प्रयोगशाला आधुनिक उपकरणों और डिजिटल तकनीक से लैस होगी, जिससे मेडिकल छात्रों और शोधकर्ताओं को उच्च स्तरीय अनुसंधान की सुविधा मिलेगी। कॉलेज में छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 600 बेड क्षमता वाला नया यूजी गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। लगभग 48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आठ मंजिला छात्रावास छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा विवाहित पीजी छात्रों के लिए नया मैरिड हॉस्टल भी बनाया जाएगा। साथ ही करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से छह मंजिला पैरामेडिकल भवन का निर्माण भी प्रस्तावित है।
मिलेंगे नए आवास
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डॉक्टरों और कर्मचारियों की आवासीय समस्या दूर करने के लिए भी बड़ी योजना तैयार की है। प्रोफेसरों के लिए टाइप-5 श्रेणी के आवास और अन्य कर्मचारियों के लिए टाइप-2 एवं टाइप-3 श्रेणी के बहुमंजिला आवास बनाए जाएंगे। इसके अलावा कॉलेज परिसर में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का निर्माण और 30 करोड़ रुपये से प्रशासनिक भवन का आधुनिकीकरण भी किया जाएगा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि डीजीएमई से मंजूरी मिलने के बाद अब सभी प्रस्ताव शासन और व्यय वित्त समिति के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे। पहली किस्त के रूप में 183.10 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे, जबकि शेष धनराशि दो चरणों में उपलब्ध कराई जाएगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कानपुर के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।




