Allahabad High Court : यूपी के इलाहाबाद हाईकोर्ट में चैंबर आवंटन को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रशासन ने एक सामान्य सूचना जारी की है, जिसमें सभी इच्छुक अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा में बचत खाता खोलने का निर्देश दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत चैंबर का मासिक किराया सीधे बैंक खाते से काटने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह कदम पारदर्शिता और नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बताया जा रहा है, लेकिन अधिवक्ताओं के एक बड़े वर्ग में इससे असंतोष बढ़ गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि किसी अधिवक्ता के खाते में पर्याप्त राशि नहीं रहती है और तीन महीने तक किराया बकाया हो जाता है, तो उसका एडवोकेट रोल निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
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नियमों में यह प्रावधान बताया गया है कि निर्धारित समय पर किराया न देने की स्थिति में वकालत के अधिकार पर भी असर पड़ेगा। इसी को लेकर वकीलों में चिंता और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है। अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह यादव का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर वकीलों के लिए कठिनाइयां पैदा करेगी। उनके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अधिकांश अधिवक्ता इतनी भारी सिक्योरिटी राशि और मासिक किराया वहन करने में सक्षम नहीं होंगे। इससे चैंबर आवंटन प्रक्रिया कुछ चुनिंदा और आर्थिक रूप से मजबूत वर्ग तक सीमित हो सकती है, जिससे समान अवसर प्रभावित होंगे।
पुरानी प्रक्रिया की वापसी की मांग
अधिवक्ता संतोष कुमार मिश्र ने मांग रखी है कि पिछली चैंबर आवंटन व्यवस्था की तरह एक निश्चित और उचित सिक्योरिटी राशि लेकर ही आवंटन किया जाए। वहीं सी पी उपाध्याय ने किराया आधारित प्रणाली को वकालत की गरिमा के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि न्यायिक व्यवस्था में इस तरह की वाणिज्यिक नीति अपनाना विधि व्यवसाय की मूल भावना को कमजोर करता है।
बार चुनाव का असर
अधिवक्ता आशुतोष कुमार तिवारी ने चैंबर आवंटन प्रक्रिया के विरोध में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करने की बात कही है। फिलहाल जून की छुट्टियों के कारण अधिकांश अधिवक्ता बाहर हैं, लेकिन अगस्त में होने वाले बार एसोसिएशन चुनाव से पहले यह मुद्दा और तेज होने की संभावना है। कुछ अधिवक्ता, जिनमें भानु देव पांडेय और आर पी तिवारी शामिल हैं, का आरोप है कि मौजूदा कार्यकारिणी अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए चैंबर आवंटन प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
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